मोरवा : नवनिर्वाचित प्रतिनिधि पंचायतों में क्रियाकलाप शुरू कर चुके हैं. उनकी नजर सरकारी जमीन की ओर हो चली है. सरकारी जमीन मिले तो योजना शुरू की जाये. मगर, चारों ओर नजर दौड़ाने पर एक इंच भी खाली सरकारी जमीन नजर नहीं आ रही है. सब पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है. प्रखंड क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ सरकारी भूमि होने के बावजूद कई सरकारी भवन महज इसलिए नहीं बन रहे हैं कि सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं है.
नये प्रतिनिधि तलाश रहे भूिम
मोरवा : नवनिर्वाचित प्रतिनिधि पंचायतों में क्रियाकलाप शुरू कर चुके हैं. उनकी नजर सरकारी जमीन की ओर हो चली है. सरकारी जमीन मिले तो योजना शुरू की जाये. मगर, चारों ओर नजर दौड़ाने पर एक इंच भी खाली सरकारी जमीन नजर नहीं आ रही है. सब पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है. प्रखंड क्षेत्र में सैकड़ों […]

पंचायतों में बनने वाले पंचायत सरकार भवन,आंगनबाड़ी केंद्र व पंचायत भवन राशि उपलब्ध होने के बावजूद सिर्फ इसलिए नहीं बन रहे हैं कि सरकारी जमीन इसके लिए नहीं मिल रहा है. जानकार बताते हैं कि पूरे प्रखंड में करीब डेढ़ सौ एकड़ भूमि गैरमजरुआ आम व खास भूमि है, जिस पर अतिक्रमणकारियों ने वर्षों से कब्जा जमा रखा है.