समस्तीपुर : फर्जी तरीके से आपदा मित्र की बहाली का मामला संज्ञान में आने के बाद डीइओ ने सख्त कदम उठाते हुए इनकी उपस्थिति दर्ज करने पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को इस पर तत्काल रोक लगाते हुए भविष्य में ऐसा नहीं करने की हिदायत दी है. बता दें कि कुछ दिनों पूर्व स्कूलों में बच्चों को आपदा से निबटने का प्रशिक्षण देने के लिए आपदा मित्र के नाम पर बहाली का मामला विभूतिपुर प्रखंड में सामने आया.
आपदा मित्र की उपस्थिति पर डीइओ ने लगायी रोक
समस्तीपुर : फर्जी तरीके से आपदा मित्र की बहाली का मामला संज्ञान में आने के बाद डीइओ ने सख्त कदम उठाते हुए इनकी उपस्थिति दर्ज करने पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को इस पर तत्काल रोक लगाते हुए भविष्य में ऐसा नहीं करने की हिदायत दी है. बता दें […]

बीइओ कार्यालय से निर्गत पत्र का हवाला देकर आपदा मित्रों ने संबंधित स्कूलों में जाकर अपनी उपस्थिति शिक्षकों की उपस्थिति पंजी पर ही दर्ज करानी शुरू कर दी. जब यह मामला संज्ञान में आया तो जिला शिक्षा पदाधिकारी ब्रजेश कुमार ओझा ने तत्काल इस पर रोक लगाने का आदेश दिया. डीइओ ने इस संबंध में प्रधानाध्यापकों के नाम जारी पत्र में कहा है कि आपदा मित्र के नाम पर अवैध तरीके से बहाली का मामला संज्ञान में आया है.
ऐसे आपदा मित्र स्कूलों में अपनी उपस्थिति भी दर्ज करा रहे हैं. ऐसा गत 25 जून को विभूतिपुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से निर्गत पत्र के आधार पर होने की जानकारी मिली है. ऐसे लोगों को आपदा मित्र के रूप में चयन कर कार्य करते पाये जाने की सूचना भी मिली है. जबकि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि इस तरह कोई आदेश न तो उन्हें विभाग से प्राप्त है और न ही उनके स्तर से ही जारी किया गया है. ऐसे में किसी भी व्यक्ति का आपदा मित्र के रूप में चयन करने संबंधी पत्र निर्गत किया जाना गंभीर मामला है. इस पर भी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में उनका हस्ताक्षर दर्ज कराना और भी गंभीर विषय है. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि भविष्य में यदि किसी विभागीय कर्मी की संलिप्तता इसमें पायी गयी तो उनके ऊपर कार्रवाई की जायेगी.