जिप अध्यक्ष चुनाव. अध्यक्ष पद जीतने के बाद बिखर गयी महागंठबंधन की एकता
समस्तीपुर : जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद को लेकर कई दिनों से जारी राजनीतिक दावं-पेच गुरुवार को मुकाम तक पहुंच गया. मोहिउद्दीननगर क्षेत्र संख्या 23 से जिला परिषद सदस्य सह महागंठबंधन की घोषित प्रत्याशी प्रेमलता पार्षदों को एकजुट रखने में सफल रहीं. इसके कारण बिना मतदान के ही इन्हें पार्षदों ने सर्व सम्मति से अध्यक्ष पद के लिए चुन लिया. इसके कारण इस पद के लिए मतदान का रास्ता नहीं अपनाना पड़ा.
लेकिन महागंठबंधन की राजनीतिक एकजुटता कुछ ही पल में चूर-चूर होकर बिखर गयी, जब उपाध्यक्ष पद के लिए उसके घोषित उम्मीदवार जिला पार्षद शंभु भूषण का नाम सामने आते ही दो अन्य प्रत्याशियों एनडीए समर्थित उम्मीदवार अनिल कुमार सिंह और वामपंथ समर्थक भरत राय ने चुनाव में अपनी दावेदारी ठोक दी. इस कारण जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने मतदान की तैयारी शुरू करा दी.
विधिवत उपाध्यक्ष पद के तीनों प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. इसके बाद गुप्त मतदान कराया गया. परिणाम घोषित करते हुए डीएम ने जानकारी दी कि अनिल कुमार सिंह 28 मत लाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी शंभु भूषण को 12 मतों से पराजित कर दिया है. इस तरह अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए चुने गये प्रत्याशियों को मौके पर ही पद व गोपनीयता की शपथ दिलायी गयी.
अध्यक्ष पद से राजग ने पीछे खींचा हाथ : एनडीए की ओर से अध्यक्ष पद के लिए समर्थन लेकर उभरी महिला जिप सदस्य ने समर्थन के दौर में सदस्यों का मूड पहले ही भांप लिया. माना जा रहा है कि इसी कारण से उन्होंने नामांकन से अपना हाथ पीछे खींच लिया. इस कारण जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए प्रेमलता का मैदान पूरी तरह से साफ हो गया. वैसे कयास यह भी लगाया जा रहा था कि दो तीन सदस्य ऐसे हो सकते हैं जो इस पद के लिए अपना कदम आगे बढ़ा सकते हैं. लेकिन अंतिम क्षण में इन पार्षदों ने भी
चुप्पी साध कर प्रेमलता का समर्थन कर दिया.
मतों के बिखराव को नहीं रोक पाया महागंठबंधन
सुबह 11 बजे सदस्यों को दिलायी गयी शपथ
समाहरणालय सभाकक्ष चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार था. दस बजे से ही विजेता जिला परिषद सदस्य समाहरणालय पहुंचने लगे थे. ठीक 11 बजे समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलायी. सभी नव निर्वाचित सदस्यों ने पद की शपथ ली. साथ ही जिलाधिकारी ने प्रतिनिधियों से लोगों के विकास के दिशा में कार्य करने को कहा. इस अवसर पर सभी जिला परिषद के सदस्य उपस्थित थे. इसके बाद निर्वाचन का कार्य शुरू हुआ.
सभी पंचायतों का एक रूप में हो विकास : प्रेमलता
नवनिर्वाचित जिला परिषद अध्यक्ष प्रेमलता ने कहा कि अध्यक्ष बनने के बाद उनका दायित्व और भी बढ़ गया है. उनकी यह इच्छा है कि सभी पंचायतों का एक जैसा विकास हो. पंचायत के इस मुख्य स्तंभ को वह और भी मजबूत बनायेंगी. बताते चले कि प्रेमलता का राजनीति से काफी पुराना संबंध रहा है.
वह तीन बार से जिला परिषद का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. इसमें क्षेत्र संख्या 22 से दो बार व क्षेत्र संख्या 23 से पहली बार प्रतिनिधित्व कर रही है. इससे पहले वह विगत जिला परिषद के लिये उपाध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ी थीं, जिसमें वह रघुवर राय से चुनाव हार गयी थीं. जदयू से जुड़ी है. उनके पति धर्मेंद्र कुमार पेशे से शिक्षक हैं. उनका घर मोहिउद्धीनगर प्रखंड के राजाजान में है. वहीं प्रेमलता का मायका महनार में है. उनकी दो पुत्री व एक पुत्र हैं. शिक्षा में वह इंटर पास है.
