कैश वैन लूटकांड. डीआइजी के नेतृत्व में घटनास्थल पर जांच करने पहुंचे पुिलस कप्तान
मोहिउद्दीननगर : एटीएम कैश वैन लूटकांड में रविवार को दरभंगा क्षेत्र के डीआइजी सुकन पासवान, पुलिस कप्तान नवल किशोर सिंह, डीएसपी रविश कुमार व पुलिस के अन्य पदाधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंच कर गहन जांच-पड़ताल की. इस दौरान डीआइजी ने अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर कई निर्देश भी पुलिस कर्मियों को दिये़ इधर, घटनास्थल से पुलिस ने एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया है.
घटना के सिलसिले में पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है़ वहीं रविवार को सीबीआइ के वरीय प्रबंधक संजय शर्मा, इंजीनियर चंदन कुमार, एटीएम में स्थित सीसीटीवी के कैमरे से वीडियो फुटेज खंगालने में जुटे हुए थे़ बता दें कि शनिवार की बीती रात मदुदाबाद स्थित सीबीआइ के एटीएम में कैश डालने के दौरान एसआइएस सुरक्षा एजेंसी से जुड़े गार्ड व कस्टोडियम क्रमश: विश्वविजय ठाकुर तथा संजय कुमार को अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर करीब आठ लाख रुपये लूट लिये थे़
चर्चाओं का बाजार रहा गर्म
कैश लूट तथा गोली कांड के बाबत लोगों द्वारा कई तरह की चर्चाएं की जा रही है़ं आमतौर पर ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा को देखते हुए एटीएम में कैश डालने की सुरक्षा एजेन्सियों की जिम्मेवारी शाम में ही होती है़ फिर रात में कैश को क्यों डाला गया. लोगों का कहना है कि घटनास्थल पर एसबीआइ का जब कैश वैन पहले मौजूद था तो सीबीआइ के कैश वैन के साथ अपराधियों ने इस घटना को क्यों अंजाम दिया. अपराधियों द्वारा सरेआम घटना को अंजाम दिया तो गश्ती के लिए निकली पुलिस गश्ती दल अपराधियों से मुकाबला क्यों नहीं कर पायी़ लोगों द्वारा बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान उठाया जा रहा है़ लोग घटना के बाद दहशत में है़ं
घायल गार्ड व कस्टोडियन खतरे से बाहर, पीएमसीएच इलाजरत
अपराधियों द्वारा कैश लूट की घटना को अंजाम देने के बाद विश्वविजय ठाकुर तथा संजय कुमार को गोली मार दी गयी थी़ जहां गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने दोनों को पीएमसीएच रेफर कर दिया था़ प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह उन दोनों का सफल ऑपरेशन कर गोली को शरीर से बाहर निकाला गया और चिकित्सकों ने खतरे से बाहर बताया है़
पूर्व में घटी घटना से नहीं लिया गया सबक
वर्ष 2007 में मोहिउद्दीननगर स्थित यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से सरेआम अपराधियों ने हथियार के बल पर 22 लाख रुपये लूट लिये थे़ हालांकि, पुलिस इस लूटकांड के सरगना गंगा पार के रहने वाला सत्येन्द्र कुमार उर्फ डिल्ला सहित पांच की गिरफ्तारी की बात करती है़ नवंबर 2015 में मदुदाबाद स्थित सीबीआइ के एटीएम के हुड से हार्ड डिस्क की चोरी की घटना का भी उद्भेदन नहीं हो पाया है़
कहते हैं पदाधिकारी
दरभंगा प्रक्षेत्र के डीआइजी सुकन पासवान ने घटना के बाबत जानकारी दी कि पुलिस द्वारा अपराधियों को पकड़ने के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है़ जल्द ही मामले का उद्भेदन कर दिया जायेगा़ पुलिस के साथ लोगों द्वारा सहयोगात्मक रवैया अपनाने से ही अपराध का नियंत्रण करने में सफलता प्राप्त होगी.
