समस्तीपुर : 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी दिलीप सिंह की गिरफ्तारी के बाद समस्तीपुर, दरभंगा एवं मधुबनी जिले की पुलिस ने उसके आपराधिक इतिहास को खंगालना शुरू कर दिया है. एसपी नवल किशोर सिंह ने सभी जिलों को दिलीप सिंह के गिरफ्तारी की सूचना भेज दी है. दिलीप को शनिवार की अहले सुबह लखनऊ के एटीएस एवं बिहार एसटीएफ की टीम ने लखनऊ पीजीआइ के समीप स्थित एक एजेंसी से गिरफ्तार किया था. पिछले छह वर्षों से पुलिस को दिलीप की तलाश थी. हाल ही में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सुरेश प्रसाद चौधरी के अनुशंसा पर दिलीप को 50 हजार रुपये का इनामी घोषित किया गया था.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2010 में पहली बार पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. लेकिन कुछ महीनों के बाद ही यह जेल से बाहर आ गया. जेल से निकलने के बाद इसने कई अपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया. पुलिस रिकार्ड के मुताबिक पिछले 13 वर्ष के आपराधिक कैरियर में दिलीप पर डेढ़ दर्जन से अधिक मामले दर्ज हुए हैं. हालांकि, गिरफ्तार इनामी दिलीप की मानें तो इन कांडों में मात्र दो को छोड़कर बांकि सभी मामलों में इसे जमानत मिल चुकी है.
छह महीने से था लखनऊ में
पुलिस दबिस एवं इनामी घोषित किये जाने के बाद दिलीप ने बिहार छोड़कर यूपी में शरण ले लिया था. यूपी के लखनऊ स्थित गोमतीनगर में वह एक मकान लेकर वहीं अपना कारोबार शुरू किया था. दिलीप की मानें तो वह गोमतीनगर में प्रोपर्टी डीलर का काम कर रहा था. शनिवार की सुबह उसने लखनऊ एटीएस को गोमतीनगर में चकमा दे दिया था, लेकिन कुछ देर बाद ही पटना एसटीएफ एवं लखनऊ एटीएस के द्वारा लखनऊ पीजीआइ के समीप एक एजेंसी से दबोच लिया गया.
19 मामलों में मिल चुकी थी जमानत
लखनऊ से एटीएस व पटना एसटीएफ ने किया था गिरफ्तार
दो कांडों में पुलिस को थी तलाश
गोमतीनगर में प्रोपर्टी डीलर का काम करता था दिलीप
दरभंगा के बिरौल एवं मधुबनी के नगर थाने में एक-एक मामला दर्ज
