आइ भूगोल : ग्लोबल नक्शे पर थाने, स्कूल, बूथ व ग्राम पंचायत दर्ज
थाना का परिसिमन हो या मतदान केंद्रों की दूरियां, विद्युत संचरण की लाइनें, पंचायतों की स्थिति सभी अब देश दुनिया के नक्शे पर नजर आयेंगी. जिला प्रशासन ने आई भूगोल के माध्यम से अब लोगों को यह जानकारी उपलब्ध करा दिया है. समस्तीपुर : घटना हो जाये तो थाना क्षेत्र की परिसमिन की समस्या, घरों […]
थाना का परिसिमन हो या मतदान केंद्रों की दूरियां, विद्युत संचरण की लाइनें, पंचायतों की स्थिति सभी अब देश दुनिया के नक्शे पर नजर आयेंगी. जिला प्रशासन ने आई भूगोल के माध्यम से अब लोगों को यह जानकारी उपलब्ध करा दिया है.
समस्तीपुर : घटना हो जाये तो थाना क्षेत्र की परिसमिन की समस्या, घरों से मतदान केंद्रों की दूरी, पठन-
पाठन के लिये विद्यालयों की समस्या हो या नलकूप के क्षेत्र यह कुछ ऐसी समस्यां थीं जो आम लोगों को ही नहीं बल्कि सरकारी कर्मचारियों के लिये भी काफी माथा पच्ची वाले सवाल होते थे. फाइलों में इसकी वस्तुस्थिति खोजने तक यह समस्या आम लोगों को काफी परेशान करती थी. आई भूगोल के माध्यम से ऐसी सभी समस्याओं का हल जिला प्रशासन ने आम लोगों को मुहैया कराया है. रिमोट सेंसिंग ऑफ इंडिया के सहयोग से भौगोलिक स्थिति का सारा खाका आई भूगोल के माध्यम से दर्ज किया गया है. इसके लिये बकायादा सेटलाइट इेमज तैयार कर इसे आम लोगों के लिये उपलब्ध कराया गया है.
नदी,नाला के साथ ही विद्युत संचरण की लाइनें भी दर्ज. आई भूगोल के माध्यम से जिला की सभी पंचायत, मतदान केंद्र, प्राथमिक व मध्य विद्यालय, थाना, नदी, नाला , पूल, राष्ट्रीय राज्य मार्ग, राज्य मार्ग, वन, विद्युत संचरण की लाइनें, विद्युत खंभे, लघु सिंचाई, नलकूप की स्थिति, एटीएम सहित सभी जनकारियां दर्ज कर आम लोगों को मुहैया करायी गयी है. हर आंकड़ेे को विशेष रंग के माध्यम से दर्ज किया गया है. इससे आम लोगों को आसानी से यह जानकारियां उपलब्ध हो सके.
कैसे करेगा कार्य, एनआइसी के सहयोग से सभी पंचायतों की अक्षांश व देशांतर को नापा गया. इसके बाद यह आंकड़ा रिमोट सेंसिग ऑफ इंडिया के पास भेजा गया. इसके बाद जिला की बुनियादी भौगोलिक स्थिति का खाका तैयार किया गया है. आई भूगोल के माध्यम से अगर लोगों को थाना क्षेत्र की जानकारियां हासिल करनी होगी. तो वह जैसे ही संबंधित थाना पर क्लिक करेंगे. उस क्षेत्र को अलग रंग से दर्शाया जायेगा, जिसमें पंचायत की स्थिति की भी जानकारी होगी. इसी तरह अगर पंचायत की साक्षारता दर की जानकारिंया हासिल करनी होगी .तो जैसे ही पंचायत पर यह जानकारी उपलब्ध हो जायेगी.