सख्ती . सभी बार व रेस्टोरेंट के संचालन पर भी पाबंदी , ग्रामीण इलाकों में शराब की बिक्री पर रहेगी पूरी रोक

अभी हर माह जिले में दो लाख लीटर शराब की खपत 2. 49 लाख लीटर का कोटा जिले में शराब की बिक्री के लिये अभी राज्य की ओर से 2.49 लाख लीटर शराब का कोटा दिया जाता है. जिसमें 2 लाख लीटर शराब की खपत प्रत्येक माह हो जाती है. वहीं नयी उत्पाद निति के […]

अभी हर माह जिले में दो लाख लीटर शराब की खपत

2. 49 लाख लीटर का कोटा
जिले में शराब की बिक्री के लिये अभी राज्य की ओर से 2.49 लाख लीटर शराब का कोटा दिया जाता है. जिसमें 2 लाख लीटर शराब की खपत प्रत्येक माह हो जाती है. वहीं नयी उत्पाद निति के बाद यहां विदेशी शराब का कोटा 2.12 लाख लीटर हो जायेगा. बीयर का कोटा 5.12 लाख लीटर हो जायेगा.
सभी वाहनों में लगेंगे डिजिटल लॉक
शराब के कारोबार पर नियंत्रण रखने के लिये सभी परिवहन वाहनों पर डिजीटल लॉक लगाना अनिवार्य होगा. विदेशी शराब में बॉटलिंग प्लांट से लेकर बिहार स्टेट बिवरेजेज कॉरपरेशन लिमिटेड की ओर से संचालित गोदाम तक ले जाने का काम जिन ट्रकों के माध्यम से होगा इसमें डिजीटल लॉक की व्यवस्था होगी. बीएसबीसीएल के गोदामों से खुदरा दुकानों तक जो भी कंटेनर या ट्रक होगा उसमें भी डिजीटल लॉक लगा रहेगा.
अंतरराज्यीय वाहनों पर भी रहेगा नियंत्रण
स्प्रीट के अंतराज्यीय परिवहन को भी नियंत्रण में रखने की व्यवस्था की गयी है. इसके लिये जो भी टैंकर राज्य में प्रवेश करेगें. उन्हें राज्य की सीमा पर प्रवेश करते ही कंपोजिट चौकी पर डिजीटल लॉक कर दिया जायेगा. जहां से इसे राज्य की सीमा के बाहर होने पर ही खोला जायेगा. हलांकि उसे 24 घंटे के अंदर राज्य की सीमा को पार करना होगा.
जिले में एक अप्रैल से देशी तथा मसालेदार देशी शराब के विनिर्माण, व्यापार व उपभोग पर पाबंदी लग जायेगी. इसे सिर्फ बीएसबीसीएल की दुकानों के माध्यम से ही लोगों को उपलब्ध कराया जायेगा.
समस्तीपुर : संपूर्ण जिला में एक अप्रैल से शराब के उपयोग व निर्माण पर पाबंदी लग जायेगी. देशी शराब पर पूर्णत पाबंदी होगी. वहीं सिर्फ विदेशी शराब को नगर परिषद् क्षेत्र में बीएसबीसीएल दुकानों के माध्यम से लोगों को उपलब्ध कराया जायेगा. इसके साथ ही नगर पंचायत स्तर व ग्रामीण क्षेत्रों में सभी बार व रेस्टोरेंट के संचालन पर भी रोक लगा दी गयी है. बार व रेस्टोरेंट का लाइसेंस मात्र नगर परिषद में ही दी जायेगी. औसतन अभी तक जिला में प्रत्येक माह 2 लीटर शराब प्रत्येक माह गटक जाते है. जिला को हरेक माह का कोटा 2 लाख 49 हजार लीटर शराब का है.
बीएसबीसीएल को जिम्मेदारी: अभी जिला में शराब की 207 लाइसेंस दुकान है. जिसमें विदेशी व देशी शराब की बिक्री की जाती है. एक अप्रैल से इन सभी दुकानों का लाइसेंस समाप्त हो जायेगा. इसकी जगह बिहार स्टेट बिवरेजेज कॉरपरेशन लिमेटेड के सीधे नियंत्रण में दुकानों का संचालन होगा. वह भी सिर्फ नगर परिषद् क्षेत्र में.
पूर्ण निषेध होने वाला गांव होगा पुरस्कृत
जो भी गांव जिलापदाधिकारी की ओर से पुर्ण मद्य निषेद्य घोषित होगा वहां काम करने वाली जीविका की स्वयं सहायाता समूह, आशा व आंगनबाड़ी आदि कार्यकर्त्तोआें को एक लाख रुपेय का अनुदान बीएसबीसीएल की ओर से दिया जायेगा.
उत्पाद पदक की व्यवस्था : मद्य निषेद्य क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले सिपाही, पुलिस टीम , उत्पाद पदाधिकारियों को प्रेरित करने के लिये उन्हें नगद ईनाम से पुरस्कृत किया जायेगा. इसके साथ ही उन्हें उत्पाद पदक देने की भी व्यवस्था की गयी है. शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिये पुलिस पदाधिकारियों को तैनात किया गया है.
अवैध कारोबार में मार्च में 57 लोग गये जेल: उत्पाद विभाग के आंकड़ें को देखे तो सिर्फ मार्च माह में उत्पाद विभाग ने जिला के विभिन्न प्रखंडों में 98 जगहों पर छापेमारी की. इसमें अवैध करोबार के मामलें में 57 लोगों को जेल भेज दिया गया है. हलांकि अभी लोगों को इस धंधे मंे संलिप्त होने पर सीधे जेल भेज दिया जाता है.
सर्विलांस पर रखे गये 100 मामले : उत्पाद विभाग ने शराब का अवैध करोबार रोकने के लिये लगभग ऐसे 100 लोगों व जगहों पर संदेह के आधार पर निगारानी बरत रहा है. जिसपर शीघ्र ही विभाग की ओर से सतत कार्रवाई की जायेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >