मशीनों पर लाखों खर्च सुरक्षा के इंतजाम नहीं
समस्तीपुर : औद्योगिक इकाइयों में अग्निशमन मानकों के पालन को लेकर एक बार फिर से सवालिया निशान लगने शुरू हो गये हैं. आग की लपटों को बुझाने की व्यवस्था पर जहां औद्योगिक इकाइयों में उहापोह की स्थिति रहती है. बड़ी औद्योगिक इकाइयां तो नियमों का पालन कर लेती है. मगर कुछेक को छोड़ दें तो अधिकतर छोटी इकाइयों में जमकर नियमों की अवहेलना हो रही है.
52 से अधिक औद्योिगक इकाइयां
औद्योगिक प्रागंण में 52 से अधिक इकाइयां चल रही है, मगर यहां कई के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं है ऐसे में बड़ी अनहोनी होने पर नुकसान की भी काफी संभावना बनी रहती है. जिला अग्निशमन पदाधिकारी तपेश्वर सिंह ने बताया कि इकाइयां मशीनों पर तो करोड़ों की राशि फूंक डालती है. मगर दमकल को हाशिये पर धकेल देती है,
जिससे हादसा की संभावना हमेशा बनी रहती है. इससे जान माल के नुकसान का अंदेशा हमेशा बना रहता है. फैक्ट्रियों में ज्वलनशील पदार्थ काफी होते है. ऐसे में आग की एक चिनगारी ही तबाही के लिये काफी अधिक होती है. श्री सिंह ने बताया कि बड़ी इकाइयों में भी आग से सुरक्षा के इंतजाम नाम मात्र के ही किये जाते हैं. विभाग की ओर से सभी इकाइयों को बेहतर सुरक्षा व मानकों का पालन का आदेश दिया गया है, मगर मामला सिफर ही होता है.
मानकों के अनुसार होना चहिए उपाय
मशीन की होनी चाहिए ग्रीसिंग, जिससे चिंगारी नहीं निकले, मुख्य द्वार के पास होनी चाहिए हाइडेंट की व्यवस्था, पानी का समुचित भंडारण, बालू की उपलब्धता, समुचित मात्रा में दमकल की व्यवस्था, भंडार गृह में ज्वलनशील पदार्थों का न हो भंडारण, फायर एलार्म की हो व्यवस्था, भंंडार स्थल पर न पीयें, सिगरेट आदि
उचित निकासी की हो व्यवस्था.
