तैयारी. जिलाधिकारी ने की स्वास्थ्य सेवा की समीक्षा
डीएम ने समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग के साथ समीक्षा कर आवश्यक िनर्देश दिया. साथ ही लोगों से मिशन इंद्रधनुष को सफल बनाने की अपील भी की
समस्तीपुर : जिलाधिकारी प्रणव कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक समाहरणालय सभागार में हुई. इसमें उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा में सुधार लाने का निर्देश दिया. सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं को जनहित में व्यापक प्रचार प्रसार कर प्रभावी क्रियान्वित करने को कहा.
राष्ट्रीय कृमिमुक्ति कार्यक्रम के तहत विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, गांव, टोलों, मोहल्लों में बच्चों के कृमिमुक्ति करने के लिए अल्बेन्डाजोल की दवा खिलाये जाने की जानकारी दी गयी. आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व शिक्षा विभाग को प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. कालाजार से मुक्ति के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रभावित क्षेत्रों में दवा का छिड़काव की जानकारी दी गयी. साथ ही बताया गया कि 443 राजस्व गांवों को आच्छादित किया जा चुका है.
मिशन इन्द्रधनुष का कार्यक्रम सात अप्रैल से शुरू होना है जो चार माह तक चलेगा. इसके लिए प्रखंडों में सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिका की बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने का निर्देश दिये गये. 27 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विटामिन ए की खुराक दिया जायेगा.
इसके लिए सभी चिकित्सा पदाधिकारी को 15 अप्रैल तक माइक्रोप्लान बनाकर सदर अस्पताल में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. संस्थागत प्रसव, एंबुलेंस, बच्चों के स्वास्थ्य, आउटडोर व इंडोर रोगी की संख्या आदि में मोहनपुर, पटोरी, खानपुर, शिवाजीनगर एवं विभूतिपुर पीएचसी के प्रदर्शन में सुधार करने का निर्देश दिया. अस्पतालों में एनेस्थेटिक एवं सर्जन के पदस्थापन के लिए सिविल सर्जन को जिम्मेदारी से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया. बैठक में उप विकास आयुक्त अफजालुर रहमान, सिविल सर्जन डॉ अवध कुमार, एसीएमओ डॉ घनश्याम झा सहित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित थे.
डीएम ने कहा कि माइक्रोप्लान के तहत प्रभावित क्षेत्रों में पम्फलेट का वितरण कर जनजागरुकता कायम कर दवा का प्रभावी छिड़काव कराना सुनिश्चित करें. रूटीन टीकाकरण की समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिला में कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे. इसके लिए आशा, एएनएम को प्रशिक्षित करने तथा सर्वे रजिस्टर एवं ड्यूलिस्ट उपलब्ध एवं अद्यतन रखने का निर्देश दिया गया. उन्होंने हरेक स्वास्थ्य केन्द्र के लेबर रूम में ओपीवी की व्यवस्था करने को कहा.
