डॉक्टरों को बंिदशों में बांधने की तैयारी
समस्तीपुर : आइएमए का 10 वां जिला अधिवेशन सरकार के क्लीनिकल एक्ट के ईदगिर्द घूमता रहा. बढ़ती आबादी के साथ उत्पन्न होने वाली नयी बीमारियों और उपचार के लिए आ रही दवाओं की कीमत को लेकर निशाने पर आ रहे चिकित्सकों का मुद्दा उठाते हुए इसके लिए सरकार को कदम उठाने की सलाह दी गयी.
उद्घाटनकर्ता पद्मश्री डाॅ जितेंद्र कुमार सिंह ने वर्तमान समय में देश की स्वास्थ्य सेवा नाजुक दौर से गुजर रही है. इसे बंदिशों में बांधने की तैयारी चल रही है. लिंगानुपात को कम करने के उद्देश्य से पीएनडीटी एक्ट लागू किया गया. लेकिन यह असमानता दूर होने की बजाय बढ रही है. अब क्लीनिकल एक्ट लाने की तैयारी है. ऐसे में डाक्टरों के लिए सेवा देना दुरुह हो जायेगा. रेलवे के इंद्रालय में शनिवार को मुख्य अतिथि श्री सिंह ने कहा कि इस चुनौती से निबटने को तैयारी रहना होगा.
संगठन ने रखी उपलब्धियां
आइएमए के सचिव डाॅ आरआर झा और सचिव डाॅ डीएस सिंह ने पटल पर वार्षिक लेखा जोखा रखा. चिकित्सकों से एकजुट होकर संगठन से जुड़ने की अपील की1. इससे पूर्व उद्घाटनकर्ता, मुख्य अतिथि व अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप जला कर अधिवेशन का उद्घाटन किया. स्वागतगान पूनम व कल्पना ने प्रस्तुत किया. संचालन डॉविभाष रंजन ने किया.
मौके पर डॉ चितवन, डॉ नेहा, डॉ मंजुला, डॉ श्रद्धा ठाकुर, डॉ पुष्पा रानी, डॉ स्मिता, डॉ आरआर झा, डॉ मोनिका सिंह, डॉ फुलेंद्र भगत, डॉ डीके मिश्रा, डॉ बीके मिश्रा, डॉ रेणु राणा, डॉ सुरेंद्र मंडल, डॉ राजीव कुमार, डॉअनिल, डॉ सुप्रियो मुखर्जी, गोपाल सुरेका उपस्थित थे.
