पूसा : आरएयू परिसर में लगे तीन दिनी किसान मेला का दूसरे दिन रविवार को देश प्रदेश के किसानों के नाम रहा. कृषक गोष्ठी के दौरान क्षेत्र के किसानों ने अपने विभिन्न फसलों के बारे में जानकारी ली. इसमें लगने वाले रोग, कीट निवारण से संबंधित जानकारी विस्तार से रख कर उसका निराकरण भी कराया. खासकर खेती में लागत अधिक लगने के वजह से किसान हताशापूर्ण नजर आ रहे थे. विशेष कर जुताई व सिंचाई से सम्बंधित यंत्र का प्रत्यक्षण में हौसला के साथ हिस्सा ले रहे है.
देश-प्रदेश के किसानों ने फसलों के बारे में ली जानकारी
पूसा : आरएयू परिसर में लगे तीन दिनी किसान मेला का दूसरे दिन रविवार को देश प्रदेश के किसानों के नाम रहा. कृषक गोष्ठी के दौरान क्षेत्र के किसानों ने अपने विभिन्न फसलों के बारे में जानकारी ली. इसमें लगने वाले रोग, कीट निवारण से संबंधित जानकारी विस्तार से रख कर उसका निराकरण भी कराया. […]

आम व लीची के बगीचे से सुरक्षित फल को तोड़ने वाले यंत्र भी किसान को खूब भाया. कुछ किसान पवार टिलर तो कुछ किसान 35 एचपी से अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर के बारे में स्टॉल पर घूम घूमकर देखने के अलावे उसके खामी व खूबी के बारे जानकारियां प्राप्त की.विभिन्न संकायों के वैज्ञानिकों ने प्रश्नोत्तरी के दौरान किसानों के प्रश्न का यथोचित जवाब देकर उन्हें संतुष्ट किया. संध्या में किसानों के मनोरंजन के लिए विश्वविद्यालय की ओर से हास्य कवि सम्मलेन का आयोजन कराया गया.
दूसरी तरफ हर वर्ष के तरह बेहतर करने वाले उद्यान प्रदर्शनी भी दूर देश से आये हुए किसानों को अपने आंचल में समेटे हुए रहा. मुख्य अतिथि भी उद्यान प्रदर्शनी का सराहना करने में कोताही नहीं बरते. किसान मेला प्रभारी सह वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. एमएन झा ने बताया कि इस वर्ष के मेले में कई प्रकार के केंद्र बनाया गया है. इसमें किसानों को भली भांति सीखने व समझने का अवसर मिल रहा है.