मरीज खोजते हैं अपना ब्लड ग्रुप

समस्तीपुर : सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में निगेटिव ग्रुप के खून मौजूद नहीं हैं. इससे जरूरतमंद मरीजों की परेशानी बढ़ी हुई है. खून की आपूर्ति के लिए उन्हें खुद से निगेटिव ग्रुप वाले दाता को खोज कर लाना पड़ता है. जिसके बाद उनकी जरुरतें पूरी हो पाती है. ब्लड बैंक के लिए यह समस्या […]

समस्तीपुर : सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में निगेटिव ग्रुप के खून मौजूद नहीं हैं. इससे जरूरतमंद मरीजों की परेशानी बढ़ी हुई है. खून की आपूर्ति के लिए उन्हें खुद से निगेटिव ग्रुप वाले दाता को खोज कर लाना पड़ता है. जिसके बाद उनकी जरुरतें पूरी हो पाती है. ब्लड बैंक के लिए यह समस्या कोई नयी नहीं है.
पॉजीटिव ग्रुप के खून की अधिक खपत
सूत्र बताते हैं कि ब्लड बैंक में पॉजीटिव ग्रुप के खून की खपत अधिक है. निगेटिव ग्रुप की मांग काफी कम होती है. यही वजह है कि जरूरत के अनुसार अधिकतर पॉजीटिव ग्रुप के खून का संग्रह कर ही रखा जाता है.
कई बार निगेटिव ग्रुप के खून उपलब्ध भी हुए तो उसकी मांग नहीं होने के कारण पटना भेजना पड़ा. जिसके बाद ब्लड बैंक प्रशासन निगेटिव ग्रुप के दाताओं का नंबर उपलब्ध कर उन्हें जरूरत पड़ने पर बुला कर खून उपलब्ध कराने की व्यवस्था कायम कर रखी है. इस स्थिति में दाता यदि जिला मुख्यालय से बाहर होते हैं तो जरूरतमंदों को घोर परेशानी हो जाती है.
30 यूनिट खून उपलब्ध है ब्लड बैंक में
ब्लड बैंक में फिलवक्त उपलब्ध खून पर नजर डालें तो पता चलता है कि वर्तमान में 30 यूनिट खून उपलब्ध हैं. जिसका रखरखाव किया जा रहा है. इसमें 20 यूनिट खून अकेले बी पॉजीटिव ग्रुप के हैं.
नौ यूनिट खून ए पॉजीटिव ग्रुप के हैं. जबकि एक यूनिट खून ओ पॉजीटिव ग्रुप के मौजूद हैं. उल्लेखनीय है कि चालू वित्तीय वर्ष के माह अप्रैल से लेकर जुलाई महीने तक हुए शिविर के दौरान ब्लड बैंक ने 110 यूनिट खून का संग्रह किया है. इसमें से अधिकतर खून पटना भेजे जा चुके हैं.

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