मोरवा. प्रलयंकारी भूकंप के तीन महीने होने को है लेकिन इससे पीडि़त लोगों के हाथ अब भी खाली हैं. बदहाली ऐसी आयी कि सिर्फ आश्वासनों के अलावे कुछ नहीं मिला. लोग उसी जर्जर एवं जानलेवा हो चुके मकानों में रहने को मजबूर हैं तो अपनी रोजी रोटी गंवा चुके लोग अपनी नसीब पर आंसू बहा रहे हैं. बता दें कि भूकंप में सैकड़ों मकान तबाह हुए. कई धराशायी हुए तो कई रहने लायक नहीं रहा. प्रशासन ने इसका सर्वे तो जरूर करवाया लेकिन आश्वासन के अलावे कुछ नहीं मिला. नेपाल से अपना रोजी रोटी गंवाकर लौटे सैकड़ों लोगों ने आजीविका के लिए प्रशासन का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उसके जख्म पर मरहम लगाने वाला कोई नहीं मिला. लोग आज भी प्रशासन एवं आपदा विभाग की बाट जोह रहे हैं जहां उनकी उम्मीदें अब भी कायम है. प्रखंड क्षेत्र में क्षति हुए मकानों के सर्वे के बाद लोगों को उम्मीद थी कि विभाग उनकी सुधि जरूर लेगा और उने टूटे हुए आशियाने फिर से खड़े होंगे लेकिन फिलहाल ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है.
भूकंप पीडि़तों को नहीं मिली राहत सहायता
मोरवा. प्रलयंकारी भूकंप के तीन महीने होने को है लेकिन इससे पीडि़त लोगों के हाथ अब भी खाली हैं. बदहाली ऐसी आयी कि सिर्फ आश्वासनों के अलावे कुछ नहीं मिला. लोग उसी जर्जर एवं जानलेवा हो चुके मकानों में रहने को मजबूर हैं तो अपनी रोजी रोटी गंवा चुके लोग अपनी नसीब पर आंसू बहा […]
