जैविक खाद किसानों के लिए वरदान : वैज्ञानिक

किसानों ने सीखे उन्नत खेती के गुरइमोरवा. जैविक खेती किसानों के लिए वरदान है और इस खाद के इस्तेमाल करने से खेतों में उर्वरा शक्ति सतत बनी रहती है जिससे फसलों का विकास तेजी से होता है. उक्त बातें पूसा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. पंकज सिंह ने दुर्गा एग्रोकेयर प्राइवेट लिमिटेड के तत्वावधान तथा कुमार […]

किसानों ने सीखे उन्नत खेती के गुरइमोरवा. जैविक खेती किसानों के लिए वरदान है और इस खाद के इस्तेमाल करने से खेतों में उर्वरा शक्ति सतत बनी रहती है जिससे फसलों का विकास तेजी से होता है. उक्त बातें पूसा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. पंकज सिंह ने दुर्गा एग्रोकेयर प्राइवेट लिमिटेड के तत्वावधान तथा कुमार फर्टिलाईजर कौवा चौक के बैनर तले रविवार को किसान संगोष्ठी में किसानों को संबोधित करते हुये कही. उन्होंने कहा कि जैविक खाद के प्रयोग से खेतों में पानी धारण की क्षमता करीब चार सौ गुना बढ़ जाती है, जिससे कम पानी मिलने पर भी फसलों का बढ़ना जारी रहता है. जैविक खाद खेतों की उर्वरा शक्ति को बरकरार रखने तथा मिट्टी में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है. उन्होंने दुर्गा संगम, नीम युक्त खल्ली, दुर्गा गोल्ड नीम युक्त जैविक तथा दुर्गा स्पेशल अंडी की खल्ली का प्रयोग धान की खेती के साथ-साथ अन्य फसलों में भी करने का सुझाव देते हुये कहा कि, जैविक खाद खेती के लिए गुणकारी है. वही, डॉ. नागेन्द्र कुमार ने धान की खेतों में होने वाली बीमारियों एवं इसके उपचार के बारे में विस्तारपूर्वक से जानकारी दी. इस मौके पर दर्जनों किसानों ने खेती से जुड़ी कई समस्या पर चर्चा कर उन्नत खेती के गुर सीखे. इस अवसर पर मुरारी कुमार, बबलू चौधरी, देवेन्द्र प्रसाद शर्मा, राजबल्लभ सिंह, सच्चितानन्द सिंह, जितेन्द्र कुमार, बमबम भारती, संतोष कुमार शर्मा व अभिनन्दन कुमार आजाद आदि मौजूद रहे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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