व्यवधान डालने वाले दैनिक मजदूरों पर केस दर्ज करने का आदेश
समस्तीपुर : नप के दैनिक सफाईकर्मियों के आगे विभाग की घुड़की भी बेअसर रही. सातवें दिन भी हड़ताल जारी रहा. शुक्रवार को भी हड़तालिकर्मियों ने नप कार्यालय को घेर जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
दैनिक सफाईकर्मियों ने कहा कि यह सरकार मजदूर विरोधी सरकार है. चाहे सरकार लाठी चलाये या गोली हम पीछे हटने वाले नहीं. जब तक आउटसोर्सिंग को बंद कर हम कर्मियों को स्थायी या समायोजन नहीं किया जाता हड़ताल जारी रहेगी. नेताओं ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी.
1990 के बाद वाले दैनिक कर्मियों को रखा जाए. वर्तमान में करीब 300 से अधिक दैनिक सफाईकर्मी है. उनके संबंध में श्रम कानून के तहत देय सुविधाएं, न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ, कर्मचारी राज्य बीमा तथा अवकाश संबंधी नियमों को सख्ती से लागू किया जाए. इस कार्य के लिए विशेष समिति गठित की जाए. इधर नप के दैनिक कर्मियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा है.
शहर के ज्यादातर मुख्य मार्ग और गली में गंदगी पसर गयी है. अब इन गंदगियों से सडांध की बू भी आने लगी है. इससे आमलोगों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. हालांकि नप प्रशासन ने शहर के कुछ इलाकों में स्थायी कर्मी की टीम बना साफ सफाई शुरू की है. इसके लिए पुलिस बल दिए गए है. बावजूद सड़कों पर गंदगी के अंबार से लोगों को काफी दिक्कतें हो रही है.
