हलई पुलिस व वरीय अधिकारियों को दी थी पूर्व सूचना
आइजी व डीआइजी के समक्ष सभी ने किया था इंकार
समस्तीपुर : हलई ओपी के इंद्रवारा में पुलिस और शराब कारोबारियों के बीच हुए मुठभेड़ मामले में रोज-रोज नये खुलासे हो रहे हैं. घटना के अगले दिन जांच को पहुंचे दरभंगा प्रक्षेत्र के आइजी सुनील कुमार झा और डीआइजी विनोद कुमार के समक्ष जिले के पुलिस अधिकारियों ने घटना की जो तस्वीर पेश की. हकीकत उस तस्वीर को पूरी तरह से झूठला रही है.
सरायरंजन के निलंबित थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह के मोबाइल का कॉल डिटेल पूरे मामले से पर्दा उठा सकता है. सरायरंजन थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह को उनके मोबाइल पर संध्या करीब साढ़े चार बजे मुखबिर ने शराब की खेप इंद्रवारा आने की सूचना दी थी. इसके बाद थानाध्यक्ष ने हलई ओपी से इस सूचना को साझा किया. बताया जाता है
कि हलई के थानेदार ने पुलिस बल की कमी की बात कही थी. संध्या करीब साढ़े छह बजे सरायरंजन थानाध्यक्ष ने समस्तीपुर में पुलिस अधिकारी को फोन किया जो रिसीव नहीं हुआ. उक्त अधिकारी ने कुछ देर बाद थानेदार के निजी नंबर पर फोन कर पूरी जानकारी ली. कुछ मिनटों के बाद ही एसपी के निर्देशन में कार्य रह रहे डीआइयू के एक सदस्य ने थानाध्यक्ष को पुलिस बल के साथ अपने आने की सूचना दी. उसी सदस्य ने करीब सात बजे फिर से फोन कर घटनास्थल पर पहुंचने की जानकारी भी सरायरंजन प्रभारी को दी थी. दूसरी घटनाओं की तरह इस मामले में भी अपराधियों की गिरफतारी के बजाय पुलिस अधिकारी मामले की लीपापोती में लगे हैं.
