समस्तीपुर : पुलिस महकमे में चल रही चर्चाओं की मानें तो पिछले दो तीन महीनों में जिले में एक नया ट्रेंड चल निकला है. घटना होने के बाद उसके खुलासे की बजाय पुलिस अधिकारी थानेदारों को निलंबित कर ही अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन कर रहे हैं. इस दौरान दर्जन भर से अधिक ऐसे मामले सामने आये हैं जिसमें घटना के चंद मिनटों के बाद ही उस थानेदार को निलंबित कर दिया गया. न कोई सवाल न कोई जवाब. फैसला ऑन द स्पाट. कुछ ऐसे भी अपवाद है जो अवकाश पर रहने के बाद भी निलंबित हुए तो किसी के क्षेत्र में घटना नहीं होने पर भी. कुछ शराब बरामद कर भी निलंबित हुए. ऐसा नहीं है कि सभी के साथ ऐसा है. इसमें कुछ ऐसे थानेदार हैं जिनके यहां शराब की बड़ी बड़ी खेप मिलने और करोड़ों की मूर्ति चोरी के बावजूद उनकी कुर्सी नहीं हिली.
घटना के साथ ही निलंबित होते थानेदार
समस्तीपुर : पुलिस महकमे में चल रही चर्चाओं की मानें तो पिछले दो तीन महीनों में जिले में एक नया ट्रेंड चल निकला है. घटना होने के बाद उसके खुलासे की बजाय पुलिस अधिकारी थानेदारों को निलंबित कर ही अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन कर रहे हैं. इस दौरान दर्जन भर से अधिक ऐसे मामले सामने […]
