ठंड के मौसम में जीपीएस सिस्टम की निगरानी में पेट्रोलिंग करेंगे ट्रैकमैन

समस्तीपुर : ठंड के मौसम में रेल पटरी सिकुड़ने लगती है. कभी-कभी पटरी टूट जाती है और बड़ा हादसा हो जाता है. समस्तीपुर रेलमंडल ने इस समस्या से निबटने के लिए विशेष तैयारी की है. इसके तहत ट्रैकमैन जीपीएस सिस्टम की निगरानी में ट्रैक की मॉनीटरिंग करेंगे. इसके लिए मंडल को अगले दस दिनों में […]

समस्तीपुर : ठंड के मौसम में रेल पटरी सिकुड़ने लगती है. कभी-कभी पटरी टूट जाती है और बड़ा हादसा हो जाता है. समस्तीपुर रेलमंडल ने इस समस्या से निबटने के लिए विशेष तैयारी की है. इसके तहत ट्रैकमैन जीपीएस सिस्टम की निगरानी में ट्रैक की मॉनीटरिंग करेंगे. इसके लिए मंडल को अगले दस दिनों में 598 आधुनिक जीपीएस डिवाइस मिल जायेगी.

ठंड के मौसम में जीपीएस
इसमें से 568 डिवाइस ट्रैकमैन को मिलेगी, जबकि 30 डिवाइस का इस्तेमाल पुश ट्रॉली से पेट्रोलिंग के दौरान किया जायेगा. इस आधुनिक जीपीएस डिवाइस की खासियत यह है कि हैंडी होने के साथ ही इसमें एक अलार्म बटन दिया गया है. इससे पेट्रोलिंग के दौरान अगर ट्रैकमैन को कुछ गड़बड़ी मिलती है, तो वह तुरंत डिवाइस के अलार्म बटन को दबायेगा. बटन के दबाते ही संबंधित रेलखंड के सीनियर सेक्शन इंजीनियर व सुपरवाइजर के मोबाइल पर इमरजेंसी मैसेज फ्लैश होगा. वहीं, कंट्रोल में लगे जीपीएस सिस्टम में खतरा दिखाने लगेगा. इससे उस खंड पर ट्रेनों का परिचालन तत्काल रोक दिया जायेगा. फिर ट्रैक में आयी गड़बड़ी को दुरुस्त किया जायेगा.
यह होगा फायदा. इस डिवाइस का यह भी फायदा होगा की पेट्रोलिंग के समय ट्रैक मैन बंक नहीं कर सकेंगे. क्योंकि सिस्टम में उनका लोकेशन लाइव दिखाता रहेगा. अगर कोई ट्रैक मैन इस दौरान रेल लाइन से दूर जाता है, तो जीपीएस सिस्टम में यह दिखने लगेगा. यही व्यवस्था पुश ट्रॉली के लिए भी रहेगी. इस जीपीएस डिवाइस सिस्टम के लग जाने से ठंड के मौसम में होनेवाली रेल दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा. बता दें कि ठंड के मौसम में तड़के तीन बजे सबसे कम तापमान हो जाता है. इस समय ट्रैक सिकुड़कर टूटने की सबसे ज्यादा आशंका रहती है. इधर, ठंड के बढ़ते ही ट्रैक की नाइट पेट्रोलिंग शुरू कर दी गयी है. बेहतर ट्रैक पेट्रोलिंग का जिम्मा समस्तीपुर रेलमंडल के डीइएनथ्री संजय कुमार का है.
ट्रैक में गड़बड़ी मिलने पर ट्रैकमैन दबायेंगे डिवाइस का अलार्म बटन
समस्तीपुर रेल मंडल को दस दिनों में मिलेंगे 598 जीपीएस डिवाइस
560 डिवाइस मिलेंगे ट्रैक मैन को
पुश ट्रॉली से पेट्रोलिंग में 30 डिवाइस का होगा इस्तेमाल
ठंड में पटरी के सिकुड़ कर टूटने की रहती है अधिक संभावना
ठंड के मौसम में रेल दुर्घटना होने की ज्यादा संभावना रहती है. ट्रेनों का संरक्षित परिचालन सुनिश्चित करने के लिए कई ट्रेनों को रद्द भी किया गया है. वहीं, नाइट पेट्रोलिंग शुरू कर दी गयी है. जीपीएस डिवाइस सिस्टम का इस्तेमाल इस बार पेट्रोलिंग में पहली बार किया जायेगा. इससे ट्रैक पेट्रोलिंग बेहतर होगी. वहीं, ट्रेनों का संरक्षित परिचालन भी सुनिश्चित होगा.
बीके सिंह, सीनियर डीइएन

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