दर्जनों घर जलने से बचे हादसा.आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो हो सकती थी बड़ी घटना

ताजपुर : एनएच-28 पर तेल कटिंग का मामला नया नहीं है. इस कारोबार में जुटे लोग एनएन के सुनसान इलाके को चुनते हैं. प्रशासन ने जब कभी सख्ती दिखायी, तो इसमें थोड़ा बहुत कमी आ जाती है. तत्कालीन जिलाधिकारी महेश्वर प्रसाद सिंह ने अपने कार्यकाल में सख्ती दिखाई थी तो इसके नतीजे सामने आये थे. […]

ताजपुर : एनएच-28 पर तेल कटिंग का मामला नया नहीं है. इस कारोबार में जुटे लोग एनएन के सुनसान इलाके को चुनते हैं. प्रशासन ने जब कभी सख्ती दिखायी, तो इसमें थोड़ा बहुत कमी आ जाती है. तत्कालीन जिलाधिकारी महेश्वर प्रसाद सिंह ने अपने कार्यकाल में सख्ती दिखाई थी तो इसके नतीजे सामने आये थे. इसके बाद फिर यह कारोबार धीरे-धीरे फलने फूलने लगा.

इससे आसपास के लोग हमेशा घटनाओं को लेकर सशंकित रहते है. मुर्गिया चक में आग लगने से जिस तरह दोनों टैंकर से आग की लपट निकल रही थी आसपास के दर्जनों घर जल कर राख हो जाते. बंगरा प्रभारी द्वारा वरीय पदाधिकारी को घटना की सूचना दी गयी. डीएसपी ने फायर ब्रिगेड को सूचना देकर घटना स्थल पर पहुंच गये. फायर ब्रिगेड के वाहन ने वहां पहुंच आग पर काबू पाया.

दो सौ गज की दूरी पर था गैस गोदाम
: मुर्गियाचक गांव जहां दो टैंकर में आग लगी वहां से मात्र दो सौ गज की दूरी पर ही समीर भारत गैस एजेंसी का गैस गोदाम है. इसमें पांच सौ से अधिक भरा हुआ सिलिंडर रखा हुआ था. समय से अग्निशामक नहीं आता, तो ताजपुर : एनएच-28 पर तेल कटिंग का मामला नया नहीं है. इस कारोबार में जुटे लोग एनएन के सुनसान इलाके को चुनते हैं. प्रशासन ने जब कभी सख्ती दिखायी, तो इसमें थोड़ा बहुत कमी आ जाती है. तत्कालीन जिलाधिकारी महेश्वर प्रसाद सिंह ने अपने कार्यकाल में सख्ती दिखाई थी तो इसके नतीजे सामने आये थे. इसके बाद फिर यह कारोबार धीरे-धीरे फलने फूलने लगा.आग की लपट से गैस गोदाम को बचना मुश्किल होता. और अगर उस गोदाम में आग पकड़ लेता तो पूरा गांव आग की चपेट में आ जाता. समय पर अग्निशामक के पहुंच जाने से बहुत बड़ी घटना घटने से रोका गया.

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