पहल. नप ने माह के अंत तक ओडीएफ घोषित करने का रखा लक्ष्य
समस्तीपुर : नगर परिषद के लिए स्वच्छता से जुड़ी सबसे बड़ी चुनौती खुले में शौच करने की प्रथा को समाप्त करने की है. नप क्षेत्र के करीब 14 प्रतिशत लोग खुले में शौच करते हैं, जिसकी वजह से मानव मल पर्यावरण को प्रदूषित करता है. मानव मल के उत्सर्जन से लोगों के स्वास्थ्य प्रतिकूल रूप से प्रभावित होता है. मानव मल में भारी संख्या में रोगों के कीटाणु होते हैं,
जिससे बीमारियां फैलती हैं. इन बातों को ध्यान में रखते हुए प्रथम चरण में नगर परिषद के कुल 13 वार्डों को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है. चयनित सभी वार्ड को 30 नवंबर तक ओडीएफ बनाने की बात कही जा रही है. इस संबंध में बताते हुए नगर प्रबंधक अरविंद कुमार ने कहा कि 20 शौचालय विहीन परिवार से कम वाले वार्ड को चिह्नित कर तत्परता के साथ काम जारी है. स्वच्छता एक आदत है व व्यवहार में परिवर्तन लाना एक जटिल प्रक्रिया है. लेकिन, नप प्रशासन ने आदत व व्यवहार दोनों में तब्दील करने की पहल की जायेगी.
87 लाभुकों को दिया गया वर्क आॅडर : नगर परिषद क्षेत्र में सबके लिए आवास योजना शहरी के तहत 260 आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन अबतक प्रक्रिया के तहत मात्र 87 लाभुकों को ही वर्क ऑडर दिये गये, वहीं 46 लाभुकों को प्रथम किस्त व 28 लाभुकों को द्वितीय किस्त की राशि प्रदान की गयी. अधिकांश आवेदन एलपीसी व वंशावली के पेच में फंसा है. नप प्रशासन की मानें तो अधिकांश आवेदकों ने निर्देशानुसार अबतक न ही एलपीसी उपलब्ध कराया है और न ही वंशावली. अब आगामी बोर्ड की बैठक में इन आवेदनों की समीक्षा कर छंटनी की जायेगी. अब नये आवेदन लेने से पूर्व नप प्रशासन जमीन की हकीकत जानने के बाद ही आवेदन प्राप्त करेगा.
