समस्तीपुर : जिले में लगातार एचआइवी के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है. सितंबर माह में जिले में कुल 26 मरीजों में एचआइवी पॉजिटिव पाया गया है.
एचआइवी मरीजों की संख्या में हो रही लगातार वृद्धि ने जिला प्रशासन की परेशानियां बढ़ा दी हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो इस वित्तीय वर्ष में अभी तक करीब 250 मरीजों में एचआइवी पॉजिटिव की पुष्टि की गयी है. अगस्त 2014 से अभी तक जिले में लगभग 21 सौ लोग एचआइवी के शिकार हुए हैं.
इसमें अभी 18 सौ लोगों का इलाज जारी है. किसी भी व्यक्ति को एचआइवी इन्फेक्सन है या नहीं इसके लिए उसका ब्लड टेस्ट रिपोर्ट से ही पता चल पाता है. सरकार की ओर से इंटिग्रेटेड काउंसेलिंग व टेस्टिंग सेंटर (आइसीटीसी) बनाये गये हैं. .
क्या है एचआइवी : एचआइवी (ह्यूमन इम्शूनोडिफिशिएंसी वायरस) यह एक ऐसा वायरस है, जिसके कारण से एड्स होता है. इसका वायरस एक इंसान से दूसरे में फैलता है. लेकिन, यह हाथ मिलाने, एक ही ग्लास में पानी पीने, छींकने व खांसने से नहीं फैलता है. मूलत: शरीर में कट होने या सूजन वाले स्थान के संपर्क में आने से इसके वायरस के फैलने का डर रहता है.
जिस इंसान में वायरस पाया जाता है उसे एचआइवी पॉजिटिव की श्रेणी में रखा जाता है. इसके वायरस के शरीर में प्रवेश करते ही धीरे-धीरे बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता समाप्त होने लगती है. इससे विभिन्न प्रकार की बीमारियां एक साथ अटैक करने लगती हैं व एड्स हो जाता है.
ये हैं एचआइवी के लक्षण : एक माह से अधिक तक बुखार बना रहना, लगातार डायरिया होना, सूखी खांसी, मुंह में सफेद छाले के निशान, बिना किसी वजह के थका महसूस करना. लेकिन, यह जरूरी नहीं कि जिस मरीज में ये लक्षण हों उसे एचआइवी ही हो.
इन कारणों से होता है एचआइवी
असुरक्षित यौन संबंध, बिना जांच के खून चढ़ाने से, सीरींज के दोबारा उपयोग से व गर्भवती मां से उसके बच्चे में और सैलून में एक ही ब्लेड से एक से अधिक सेव करने से एचआइवी फैलता है.
