व्यवसायी मनोज कुमार पर 70 लाख रुपये गबन की प्राथमिकी

धर्मपुर में एक कट्ठा 10 धुर जमीन बैंक को किया था मॉर्गेज चार साल में ही एनपीए हो गया व्यवसायी समस्तीपुर : शहर के बहादुरपुर के व्यवसायी मनोज कुमार राय ने बैंक के 70 लाख रुपये गबन कर लिये हैं. इस संबंध में यूनियन बैंक गोला रोड के शाखा प्रबंधक छोटे राय सराक ने नगर […]

धर्मपुर में एक कट्ठा 10 धुर जमीन बैंक को किया

था मॉर्गेज
चार साल में ही एनपीए हो गया व्यवसायी
समस्तीपुर : शहर के बहादुरपुर के व्यवसायी मनोज कुमार राय ने बैंक के 70 लाख रुपये गबन कर लिये हैं. इस संबंध में यूनियन बैंक गोला रोड के शाखा प्रबंधक छोटे राय सराक ने नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी है. प्राथमिकी में शाखा प्रबंधक ने कहा है कि मनोज ने करीब सात वर्ष पहले बैंक से व्यवसाय के नाम पर 70 लाख रुपये ऋण लिये थे. इसके एवज में उसने धर्मपुर स्थित एक कट्ठा 10 धुर जमीन गिरवी रखी थी. ताकि बैंक को पैसे को लेकर भरोसा बना रहे. जब ऋणी ने बैंक से सारे पैसे ले लिये और उसका खाता एनपीए हो गया तो बैंक हड़कत में आया.
नोटिस भेज कर ऋणधारक को जगाने की चेष्टा की, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद बैंक रकम की वापसी को लेकर वकील के साथ मॉर्गेज की गयी जमीन पर गया. यहां उस जमीन पर निर्मला शर्मा का भवन बना पाया. जांच पड़ताल के क्रम में यह जानकारी मिली कि ऋणी ने इस जमीन को वर्ष 14 में ही निर्मला शर्मा के हाथों बेच दिया. इसके बाद रकम वापसी को लेकर बैंक के हाथ पांव फूलने लगे. काफी विचार के बाद बैंक प्रबंधन ने ऋणधारक के विरुद्ध कानून का सहारा लेने का निर्णय किया.
शाखा प्रबंधक ने इस संबंध में छह अक्तूबर 17 को नगर थाने में आवेदन देकर आवश्यक कार्रवाई करने की गुजारिश की है, ताकि बैंक की ओर से उपलब्ध करायी गयी ऋण की राशि का वसूल किया जा सके. थानाध्यक्ष एचएन सिंह का कहना है कि आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. मामले की जांच की जा रही है.
मॉर्गेज जमीन बेचने के ऋणी को अधिकार नहीं
शाखा प्रबंधक छोटे राय सराक का कहना है कि किसी भी ऋणी की ओर से ऋण के बदले मॉर्गेज की जाने वाली संपत्ति को बेचने का अधिकार नहीं है. ऋणी अपनी इस संपत्ति का वापस अधिकार तभी पा सकते हैं जब वह संबंधित संपत्ति पर लिये गये ऋण की राशि को चुकता कर दे. अन्यथा ऋण अवधि में उसकी ओर से मॉर्गेज की जाने वाली जमीन या अन्य संपत्ति को बेचना कानून धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है. यह अपराध है.

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