गृह कर चोरी पर लगेगी लगाम

पहल. नगर परिषद सेटेलाइट के जरिये टैक्स वसूली पर रखेगा नजर समस्तीपुर : नगर परिषद क्षेत्र में अब एक एक घर की गणना करना मुश्किल नहीं होगा. घर कितनी चौड़ी सड़क पर और कितनी मंजिल का बना है, यह सेटेलाइट से पता चल जाएगा. नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर परिषद क्षेत्र में बसे […]

पहल. नगर परिषद सेटेलाइट के जरिये टैक्स वसूली पर रखेगा नजर

समस्तीपुर : नगर परिषद क्षेत्र में अब एक एक घर की गणना करना मुश्किल नहीं होगा. घर कितनी चौड़ी सड़क पर और कितनी मंजिल का बना है, यह सेटेलाइट से पता चल जाएगा.
नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर परिषद क्षेत्र में बसे आवासों की गणना के लिए यह प्लान तैयार किया है. विभागीय पदाधिकारी ने पिछले दिनों इस बात पर गौर किया था कि शहरों में जितने बिजली कनेक्शन हैं उस हिसाब से गृह कर नहीं मिल रहा है. इसके लिए सेटलाइट से सर्वे कराने की दिशा में प्रयास शुरु कर दिया गया है. सेटेलाइट से मकानों की गणना के लिए कंपनी से करार करने की प्रक्रि या जल्द शुरु होने की बात कही गई है. यह व्यवस्था लागू होने के बाद नप कर्मियों को घरझ्रघर जाने की जरु रत नहीं होगी. सेटेलाइट से एक मुहल्ले में कितने मकान हैं, यह गणना करके विभाग को जानकारी देगी.
उसी के अनुसार नगर परिषद गृह कर वसूलने को नोटिस जारी करेगा. घर की लंबाई चौड़ाई के हिसाब से गृह कर वसूला जाता है, जितनी लंबाई चौड़ाई की का होगा उतना ज्यादा गृहकर लगेगा. इसी तरह भवन कितने मंजिला है और अगर भवन का रास्ता दो सड़कों पर है तो उसका भी गृह कर ज्यादा होगा लेकिन वास्तव में बहुत कम लोग ही इस मानक के हिसाब से गृहकर दे रहे हैं. सेटलाइट के सर्वेक्षण में खामियों को दूर कर सहीं टैक्स लिया जाएगा. नगर परिषद की आमदनी में इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है.
कर्मचारियों का खेल भी बंद होगा
साठगांठ करके नप कर्मचारियों से गृह कर अपनी मर्जी से तय कराने का खेल भी खत्म होगा. नगर परिषद करीब आठ हजार लोगों से ही गृह कर वसूल रहा है जबकि बिजली कनेक्शन की संख्या शहरी क्षेत्र में करीब सत्रह हजार से अधिक है. सूत्रों की मानें तो विभाग जल्द ही बिजली कंपनी से उपभोक्ताओं की डिटेल प्राप्त कर कर संग्रहकों को जांच की जिम्मेवारी सौंपेगी.
घरों के परिसर की जांच
आवासीय परिसर में किसी प्रकार का व्यापार करने पर व्यवसायिक टैक्स गृहस्वामी को देना होगा. कर संग्रहकों की मानें तो कई घर ऐसे है जहां एक कोने में दुकान, व्यूटी पार्लर आदि का संचालन किया जा रहा है. लेकिन व्यवसायिक टैक्स नहीं दिया जा रहा है. नगर परिषद की ओर से खाली जमीन पर भी टैक्स वसूलने की प्रक्रि या शुरू कर दी गयी है.

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