कर्पूरी बस पड़ाव. टॉल टिकट को लेकर होती रहती है बकझक
समस्तीपुर : कर्पूरी बस पड़ाव से जुड़े वाहन संचालकों ने नगर परिषद के टॉल टिकट वृद्धि का बहिष्कार कर दिया. चालकों ने टॉल टिकट लिये बिना ही दिनभर वाहनों का संचालन किया. इसको लेकर छिटपुट टॉलकर्मियों के साथ बकझक भी होती रही, लेकिन ड्राइवर मानने को तैयार नहीं हुए. वाहन संचालकों ने जिला मोटर व्यवसायी संघ की अगुवाई में मंगलवार की सुबह से ही गोलबंदी शुरू कर दी. जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया उनका गुस्सा नगर परिषद प्रशासन के विरुद्ध भड़कने लगा. चालकों ने कर्पूरी बस पड़ाव परिसर में घूम-घूम कर चालकों को टिकट नहीं लेने के लिए तैयार किया. उन्हें इससे होने वाले नुकसान को समझा विरोध प्रदर्शन में करते रहे.
वाहन संचालकों का कहना था कि समस्तीपुर जिला मुख्यालय में स्थित कर्पूरी बस पड़ाव एक ऐसा स्टैंड है जहां अन्य जिलों की अपेक्षा वाहन मालिकों से काफी ज्यादा टॉल लिया जाता है. ऊपर से नप प्रशासन ने उसमें ढाई गुना वृद्धि करने की घोषणा कर दी, जबकि यहां सुविधा के नाम कई बुनियादी चीजों का घोर अभाव है. यहां न तो पेयजल, रोशनी, शौचालय, विश्रामालय की व्यवस्था है और न ही अन्य सुविधाएं ही वाहन संचालकों को उपलब्ध
करायी जा रही हैं. इसको लेकर संगठन के माध्यम से पहले ही विरोध जताया गया था.
बावजूद नप प्रशासन ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की. इसके कारण एक अगस्त से होने वाले वृद्धि का बहिष्कार करने की घोषणा को अमली जामा पहनाने पर चालकों को उतारू होना पड़ा है. यदि नगर परिषद प्रशासन ने नयी वृद्धि को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन तेज किया जायेगा. मौके पर संगठन के सचिव संजीव कुमार सुमन, चंदेश्वर सिंह, कामेश्वर महतो, बिंदु राय, शंभू तिवारी, विनय कुमार सिंह, ललन राय, संतोष साह, विनोद कुमार, रामकृष्ण, मो शकूर, विपिन कुमार, ओम प्रकाश, सुनील राय, संजय राय, राजू पोद्दार, भुल्ला राय, उमा सिंह, मनोज चौधरी, बीसो राय, रंधीर सिंह, अशोक राय, पवन झा आदि मौजूद थे.
नप को हजारों का नुकसान : कपरूरी बस पड़ाव परिसर से प्रतिदिन औसतन 16 सौ राउंड के टाल टिकट ऑटो चालक लेते हैं. इसके अलावा 3 सौ चार चक्का वाहन और 150 के करीब बसों के टाल टिकट कटते हैं. इससे नप प्रशासन को प्रतिदिन करीब 5 से 7 हजार रुपये की आय होती है. चालकों के बहिष्कार के कारण मंगलवार को यह नप प्रशासन को भारी नुकसान उठाकर्पूरी बस पड़ाव. टॉल टिकट को लेकर होती रहती है बकझक
समस्तीपुर : कर्पूरी बस पड़ाव से जुड़े वाहन संचालकों ने नगर परिषद के टॉल टिकट वृद्धि का बहिष्कार कर दिया. चालकों ने टॉल टिकट लिये बिना ही दिनभर वाहनों का संचालन किया. इसको लेकर छिटपुट टॉलकर्मियों के साथ बकझक भी होती रही, लेकिन ड्राइवर मानने को तैयार नहीं हुए. वाहन संचालकों ने जिला मोटर व्यवसायी संघ की अगुवाई में मंगलवार की सुबह से ही गोलबंदी शुरू कर दी. जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया उनका गुस्सा नगर परिषद प्रशासन के विरुद्ध भड़कने लगा. चालकों ने कर्पूरी बस पड़ाव परिसर में घूम-घूम कर चालकों को टिकट नहीं लेने के लिए तैयार किया. उन्हें इससे होने वाले नुकसान को समझा विरोध प्रदर्शन में करते रहे.
वाहन संचालकों का कहना था कि समस्तीपुर जिला मुख्यालय में स्थित कर्पूरी बस पड़ाव एक ऐसा स्टैंड है जहां अन्य जिलों की अपेक्षा वाहन मालिकों से काफी ज्यादा टॉल लिया जाता है. ऊपर से नप प्रशासन ने उसमें ढाई गुना वृद्धि करने की घोषणा कर दी, जबकि यहां सुविधा के नाम कई बुनियादी चीजों का घोर अभाव है. यहां न तो पेयजल, रोशनी, शौचालय, विश्रामालय की व्यवस्था है और न ही अन्य सुविधाएं ही वाहन संचालकों को उपलब्ध
करायी जा रही हैं. इसको लेकर संगठन के माध्यम से पहले ही विरोध जताया गया था.
बावजूद नप प्रशासन ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की. इसके कारण एक अगस्त से होने वाले वृद्धि का बहिष्कार करने की घोषणा को अमली जामा पहनाने पर चालकों को उतारू होना पड़ा है. यदि नगर परिषद प्रशासन ने नयी वृद्धि को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन तेज किया जायेगा. मौके पर संगठन के सचिव संजीव कुमार सुमन, चंदेश्वर सिंह, कामेश्वर महतो, बिंदु राय, शंभू तिवारी, विनय कुमार सिंह, ललन राय, संतोष साह, विनोद कुमार, रामकृष्ण, मो शकूर, विपिन कुमार, ओम प्रकाश, सुनील राय, संजय राय, राजू पोद्दार, भुल्ला राय, उमा सिंह, मनोज चौधरी, बीसो राय, रंधीर सिंह, अशोक राय, पवन झा आदि मौजूद थे.
नप को हजारों का नुकसान : कपरूरी बस पड़ाव परिसर से प्रतिदिन औसतन 16 सौ राउंड के टाल टिकट ऑटो चालक लेते हैं. इसके अलावा 3 सौ चार चक्का वाहन और 150 के करीब बसों के टाल टिकट कटते हैं. इससे नप प्रशासन को प्रतिदिन करीब 5 से 7 हजार रुपये की आय होती है. चालकों के बहिष्कार के कारण मंगलवार को यह नप प्रशासन को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
बगल के जिलों की तर्ज पर हो टाल निर्धारण : जिला मोटर व्यवसायी संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा है कि आसपास के जिलों में टाल का निर्धारण हो चुका है. नप और जिला प्रशासन उसके अनुरुप समस्तीपुर में भी टाल का निर्धारण करे. संगठन उसे सहर्ष स्वीकार करने के लिए तैयार है. अन्यथा यह आंदोलन काफी लंबा खिंच सकता है.
ढाई गुना वृद्धि से वाहन संचालक नाराज
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
जिला मोटर व्यवसायी संघ ने नगर परिषद से अविलंब टॉल वृद्धि के निर्णय को बापस लेने की मांग की है. अन्यथा टॉल टिकट का बहिष्कार जारी रखते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है. बुधवार को संगठन ने नप प्रशासन का पुतला फूंकने की घोषणा की है. इसमें वाहन संचालकों से पूर्ण भागीदारी की अपील की गयी है.
ना पड़ा है.
बगल के जिलों की तर्ज पर हो टाल निर्धारण : जिला मोटर व्यवसायी संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा है कि आसपास के जिलों में टाल का निर्धारण हो चुका है. नप और जिला प्रशासन उसके अनुरुप समस्तीपुर में भी टाल का निर्धारण करे. संगठन उसे सहर्ष स्वीकार करने के लिए तैयार है. अन्यथा यह आंदोलन काफी लंबा खिंच सकता है.
ढाई गुना वृद्धि से वाहन संचालक नाराज
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
जिला मोटर व्यवसायी संघ ने नगर परिषद से अविलंब टॉल वृद्धि के निर्णय को बापस लेने की मांग की है. अन्यथा टॉल टिकट का बहिष्कार जारी रखते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है. बुधवार को संगठन ने नप प्रशासन का पुतला फूंकने की घोषणा की है. इसमें वाहन संचालकों से पूर्ण भागीदारी की अपील की गयी है.
