राजनीति सरगरमी. विश्वास मत हासिल होते ही ठंडा पड़ा जिले का सियासी गुबार
समस्तीपुर : तीन दिनों पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के साथ बिहार का गरमाया सियासी पारा शुक्रवार को नयी सरकार के सदन में विश्वासमत हासिल करने के साथ ठंडा पड़ गया है. जिला मुख्यालय में कमोवेश राज्य की प्रमुख सभी राजनीतिक दलों के कार्यालयों में खामोशी सन्नाटा पसरा था. देश की प्रमुख दो राजनीतिक पार्टियां सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी व मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस कार्यालय में दूसरे दिन भी ताले झूल रहे थे. स्थिति यह थी कि यहां आनेवाले लोगों को जानकारी देने तक के लिए कोई उपलब्ध नहीं था. इसके विपरीत राजद कार्यालय पर कुछेक कार्यकर्ता मौजूद थे, जो पटना गये जिलाध्यक्ष विनोद कुमार राय के साथ फोन लाइन पर संपर्क साधते दिखे. इस क्रम में राजद जिलाध्यक्ष ने संकेत दिया कि पटना में उनकी पार्टी की विशेष बैठक होने वाली है.
प्रदेश अध्यक्ष अब्दुलबारी सिद्दीकी व समस्तीपुर के जिला प्रभारी अतुल देव राय के साथ जिले की राजनीतिक रणनीति पर खासतौर से चर्चा होगी. इस क्रम में उन्होंने संकेत दिया कि पटना से लौटने के बाद समस्तीपुर के प्रत्येक गांव कस्बे में पहुंच कर राजद कार्यकर्ता नीतीश की पोल खोलेंगे. जनमत के साथ किस तरह उन्होंने खिलवाड़ किया है. इसे भी जनता को बताया समझाया जायेगा. इसके उलट जदयू कार्यालय पर युवा जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष अमर राय, सुरेंद्र पंडित, डॉ दिनेश कुमार, चंदू कुमार सरीके कार्यकर्ता टीवी पर नजरें गड़ाये हुए थे. जहां से पटना की पल-पल की आ रही सत्ताधारी और विपक्षी खेमे की ओर से बयान पर टीका टिप्पणी का दौर जारी था.
