समीक्षा. मीटर रीडर को निर्देश
समस्तीपुर : शहरी क्षेत्र के शत-प्रतिशत बिजली उपभोक्ताओं का मीटर रीडिंग नहीं होने से नाराज बिजली कार्यपालक अभियंता पंकज राजेश ने मंगलवार को विशेष समीक्षा बैठक के क्रम में मीटर रीडरों को कई निर्देश दिये. कार्य प्रगति प्रतिदिन वाट्स एप ग्रुप पर देने का भी निर्देश दिया. बैठक में बिजली कार्यपालक अभियंता ने 80 फीसदी ओके रीडिंग देने की हिदायत दी. राजस्व क्षति होने पर प्राथमिकी दर्ज करने की भी चेतावनी दी. जिन मीटर रीडरों का ओके रीडिंग 60 फीसदी से कम होगा. उन्हें हटा देने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि दो माह के कार्य की समीक्षा के बाद उत्कृष्ट कार्य करने वाले टॉप थ्री मीटर रीडरों को सम्मानित किया जायेगा. जबकि रैकिंग में पिछड़ने वाले रीडरों पर कार्रवाई भी की जायेगी.
सहायक अभियंता शहरी मुकेश कुमार शर्मा ने कहा कि मीटर अपडेट की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जायेगा. उन्होंने बताया कि 20 फीसदी एमडी व पीएल हो सकता है. लेकिन संबंधित क्षेत्रों में मीटर रीडर समय दें तो राजस्व के साथ सही पठन प्राप्त किया जा सकता है. शहरी क्षेत्र में 1400 खराब मीटरों का सर्वे कर बदलने की प्रक्रिया शुरु होने की बात कही गयी. एसडीओ राजस्व पंकज कुमार, जेइ साल्यानंद साहु, ललित कुमार व शहरी क्षेत्र के दर्जनों मीटर रीडर उपस्थित थे.
औसत मीटर रीडिंग बनी परेशानी का सबब
अधिकांश उपभोक्ताओं का कहना है कि मीटर रीडर ससमय आकर रिडिंग ले तों उपभोक्ताओं की परेशानी घटेगी और बिजलीकंपनी का राजस्व बढेगा. त्रुटिपूर्ण बिजली बिल आज भी उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बना हुआ है. अधिकांश उपभोक्ताओं को औसत रीडिंग के आधार पर बिल भेजा जा रहा है. जब मीटर रीडर पठन लेने आते हैं तो कई माह का रीडिंग जोड़ कर बिजली बिल जारी कर दी जाती है.
