95 फीसदी एटीएम में कैश नहीं, ग्राहक हो रहे परेशान

समस्तीपुर : शहर के करीब 95 फीसदी एटीएम कैश के अभाव में बंद पड़े हुए हैं. पांच फीसदी चल भी रहे हैं, तो वह महज दो से तीन घंटे के लिये. स्थिति यह है कि नोट डालते ही दो से तीन घंटे में खत्म हो जाता है. आरबीआइ के द्वारा जरूरत के अनुरूप राशि आपूर्ति […]

समस्तीपुर : शहर के करीब 95 फीसदी एटीएम कैश के अभाव में बंद पड़े हुए हैं. पांच फीसदी चल भी रहे हैं, तो वह महज दो से तीन घंटे के लिये. स्थिति यह है कि नोट डालते ही दो से तीन घंटे में खत्म हो जाता है. आरबीआइ के द्वारा जरूरत के अनुरूप राशि आपूर्ति नहीं किये जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो गयी है.

उपभोक्ताओं को रुपये निकालने के लिए शहर के एटीएम का चक्कर लगाना पड़ रहा है.

बता दें कि गुरुवार को शहर के विभिन्न मुहल्लों में स्थित विभिन्न बैंकों के एटीएम का जायजा लिया गया. ताजपुर रोड में विभिन्न बैंकों के कुल सात एटीएम हैं, पर एक में भी पैसा नहीं है. किसी का शटर गिरा हुआ था, तो किसी में लिखा था कि कैश नहीं है. पंजाबी कॉलोनी में अलग-अलग बैंकों के पांच एटीएम में से एक भी एटीएम में पैसा नहीं था. यही हाल पुरानी पोस्ट आॅफिस रोड की है. इसमें एक भी एटीएम चालू नहीं था.आर्य समाज रोड, गणेश चौक,
गोला रोड, स्टेशन रोड की भी किसी एटीएम में रुपये नहीं थे. यह हाल स्टेट बैंक के मेन ब्रांच, सदर अस्पताल, मोहनपुर रोड की दर्जनभर बैंकों के एटीएम की थी. इस रोड की एकमात्र एटीएम चालू था, जिस पर लोगों की भीड़ थी. स्टेशन, डीआरएम ऑफिस, सोनवर्षा चौक, केई इंटर रोड समेत अन्य मोहल्लों के एटीएम का भी यही हाल था. बताया जाता है कि विभिन्न बैंकों के द्वारा मात्र गिने चुने एटीएम में ही रुपये डाले जाते हैं. इसकी संख्या महज पांच फीसदी होगी. ताजपुर रोड में एसबीआइ, बैंक ऑफ बड़ौदा व कभी कभार केनरा बैंक में नोट डाले जाते हैं. वहीं अन्य बैंकों के एटीएम के शटर गिरे रहते हैं. पंजाबी कॉलोनी के एटीएम का भी यही हाल है. बताया जाता है कि एसबीआइ के ताजपुर रोड, सदर अस्पताल, मेन ब्रांच एवं मोहनपुर रोड स्थित एक एटीएम में नियमित रूप से रुपये तो डाले जाते हैं, पर राशि इतनी कम होती है कि वह दो घंटे में ही खत्म हो जाता है. शहर के अन्य बैंकों में आसीआइसीआइ, यूनाइटेड बैंक समेत एक दो अन्य बैंकों के द्वारा ही अपने चुनिंदा एटीएम में रुपये डाले जाते हैं. इससे ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
पीओएस मशीन भी नहीं कराया जा रहा उपलब्ध : बताया जाता है कि शहर के करीब तीन सौ से अधिक व्यवसायियों ने अपने प्रतिष्ठानों में पीओएस मशीन लगाने के लिए बैंकों को आवेदन दे रखा है. लेकिन अभी तक पीओएस मशीन उपलब्ध नहीं कराया गया है. बताया जाता है कि पीओएस मशीन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के द्वारा आपूर्ति नहीं की जा रही है.
बैंकों में भी नोट की है किल्लत : स्टेट बैंक के कई शाखा प्रबंधकों ने बताया कि जरूरत के हिसाब से बैंकों को नोट उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. लोगों में कैशलेस को बढ़ावा देने को लेकर आरबीआइ पहले की अपेक्षा कम राशि बैंकों को उपलब्ध करा रही है. इसका खामियाजा बैंककर्मियों को भी भुगतान पड़ता है. राशि नहीं रहने के कारण ग्राहकों को भी नहीं दे पाते हैं. ऐसी स्थिति में एटीएम में भेजना कहां से संभव हो पायेगा.
पांच फीसदी एटीएम में डाले जाते हैं नोट
दो से तीन घंटे में ही खत्म हो जाता है कैश
आरबीआइ से नहीं हो रही जरूरत के अनुरूप आपूर्ति
जरूरत के अनुसार नहीं मिल रहे रुपये
एलडीएम भागीरथ साव ने कहा कि आरबीआइ के द्वारा जरूरत के हिसाब से रुपये नहीं उपलब्ध कराये जा रहे हैं. कैशलेस को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है. पीओएस मशीन के सवाल पर कहा कि डिमांड ज्यादा है, जबकि उसके अनुसार आपूर्ति एजेंसी नहीं कर पा रही है. इसलिए दिक्कत हो रही है. उन्होंने बताया कि इस दिशा में कार्रवाई की जा रही है.

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