नप अध्यक्ष चुनाव . राजनीतिक सस्पेंस बरकरार, जातीय ध्रुवीकरण की कोशिश
29 सदस्यीय सदन में उपाध्यक्ष पद को लेकर भी जोड़-तोड़ शुरू
समस्तीपुर : नप के चेयरमैन पद पर छिड़ी जंग में गैर पार्षदों की भूमिका अहम हो गयी है़ पद के लिए कई नाम सामने आ चुके हैं. सफलता के लिए सोशल इंजीनियरिंग का गणित भी लगाया जा रहा है़ इस कठिन गणित को सुलझाने के लिए धनकुबेर अपना माथा खपा रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि गणित को हल करने में आसान फाॅर्मूला पैसा साबित हो रहा है़
पर्दे के पीछे से ऐसे लोगों की सक्रियता हद से आगे बढ़ गयी है़ ऐसे लोग नव निर्वाचित पार्षदों से संपर्क कर उनका मन टटोल रहे हैं. बताया जाता है कि फिलहाल चेयरमैन पद के दो दावेदार सामने आये हैं. दोनों खेमा अपनी कमान अपने चहेते धनकुबेरों को सौंप चुके हैं व अपने चहेतों को चेयरमैन पद की मनपसंद कुरसी पर बैठाने के प्रयास में पूरी टीम लग गयी है़ निकाय चुनाव के नव निर्वाचित पार्षदों ने चेयरमैन पद के लिए स्वच्छ छवि के पार्षद का चयन करने का संकल्प लिया था़
चुनाव में भ्रष्टाचार तथा नप के खिलाफ आवाज बुलंद कर जीत दर्ज करने वाले पार्षदों के पर्दे के पीछे की कहानी भी शर्मसार करने वाली है़ चुनाव के दिन तक जनता का विश्वास जीतने वाले पार्षद भी सिद्धांत को ताक पर रख फिलहाल चेयरमैन के चुनाव का ताना-बाना बुनने में लगे है़ं इस चुनाव को लेकर अभी तक राजनीतिक संस्पेंस बरकरार है़ दोनों गुट इस 29 सदस्यीय सदन में अपना पलड़ा भारी बता रहे हैं तथा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुरसी अपने पक्ष में करने के लिए न्यूनतम 14 के जादुई आंकड़े से काफी आगे होने का दावा कर रहे हैं.
तीसरे समीकरण पर भी हो रहा है मंथन : नप सत्ता की कुरसी की जंग दो गुटों के बीच में है और दोनों गुट अपनी खेमेबंदी को मजबूत करने में जुटे है़ं सूत्रों की मानें, तो कुरसी की दौड़ में दोनों पक्ष अपने समर्थित अधिकतर पार्षदों को सुरक्षित जगह पहुंचाकर जरूरी संख्या के इंतजार में रणनीति बना रहे हैं. इसके लिए गैर पार्षदों का मजबूत खेमा तत्पर है़ किसी को पैसा से खुश करने का प्रयास तो किसी को उप मुख्य पार्षद की कुरसी दी जा रही है़
बावजूद, अभी तक बात नहीं बनी है़ उधर, पेचीदा हो रहे इस अड़चन को दूर करने के लिए तीसरे नाम पर आम सहमति बनाने पर जोर दिया जा रहा है़ प्रयास यह है कि अगर तीसरे नाम पर पार्षदों की जरूरी संख्या सहमत हो जाती है, तो यह बेहतर विकल्प है़ तीसरे मोर्चा का गठन और उस पर एक राय के लिए आधा दर्जन लोग सक्रिय हैं. तुर्रा यह कि जनता का जनादेश पूरी तरह से बदलाव का मिला है़ जनता की भावनाओं का आदर करते हुए बदलाव होना चाहिए. इधर, नगर परिषद् के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियों को मूर्त रूप दिया जा रहा है़ यूं कहें इस चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है़ यह चुनाव नौ जून को होगा़ अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए मतदान कलेक्ट्रेट के सभागार में कराया जायेगा़ चुनाव के लिए निर्वाची पदाधिकारी बनाया गया है़ इस बाबत आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए चुनाव प्रेक्षक भी नियुक्त कर दिया है़ इधर, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है शहर का राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है.
अध्यक्ष चुनाव की तीन सुरक्षा दीवारें
परसों शुक्रवार को होने वाले अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के सख्त इंतजाम किये हैं. इसकी जानकारी देते हुए आधिकारिक सूत्र ने बताया कि इस चुनाव के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में तीन सुरक्षा दीवार बनायी गयी है़ तीनों सुरक्षा दीवार लांघने के बाद ही पार्षद चुनाव में हिस्सा लेने के लिए कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में इंट्री कर पायेंगे. परसों चुनाव में पार्षदों तथा संबंधित अधिकारी के अलावा किसी की भी कलेक्ट्रेट में इंट्री नहीं मिलेगी़ चुनाव में हिस्सा लेने वाले पार्षदों को अपनी जीत का सर्टिफिकेट भी साथ लाना होगा.
नगर परिषद सभापति के चुनाव को निषेधाज्ञा लागू
नगरपालिका आम चुनाव 2017 में नगर परिषद के निर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण के तत्पश्चात होने वाले नप सभापति के चुनाव को लेकर अनुमंडल दंडाधिकारी ने धारा 144 के अंतर्गत निषेधाज्ञा जारी कर दी गयी है़ पांच सौ मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा प्रभावी होगी़ इस दौरान कोई भी व्यक्ति शस्त्र, तीर-धनुष, लाठी, भाला, गंड़ासा व मानव शरीर के लिए घातक हथियार को लेकर उक्त सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा़ विधि व्यवस्था संधारण के लिए जारी निषेधाज्ञा निर्वाचन से जुड़े दंडाधिकारी, कर्मी व पुलिस कर्मियों पर लागू नहीं होगी़ मतदान स्थल पर मोबाइल, मादक पदार्थ, कैमरा का प्रयोग वर्जित है़ उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
