राज्यकर्मी बनने के बाद बिहार के नियोजित शिक्षकों को कितनी मिलेगी सैलरी, इन सुविधाओं का भी मिलेगा लाभ

बिहार के नियोजित शिक्षक दक्षता परीक्षा देकर राज्य कर्मचारी बन जायेंगे. इन शिक्षकों के मन में एक और सवाल उठ रहा है कि अगर वे योग्यता परीक्षा पास कर लेंगे तो उन्हें कितनी सैलरी मिलेगी. आइए जानते हैं सरकारी कर्मचारी बनने पर नियोजित शिक्षकों का मूल वेतन कितना होगा...

बिहार सरकार राज्य के लगभग चार लाख नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने जा रही है. इसके लिए शिक्षा विभाग ने नियमावली तैयार कर ली है. जानकारी के अनुसार नियोजित शिक्षकों की सक्षमता परीक्षा ली जायेगी. परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जायेगा. इसके बाद इन शिक्षकों को आवश्यकतानुसार विभिन्न स्कूलों में पदस्थापित किया जायेगा. परीक्षा पास करने के लिए नियोजित शिक्षकों के पास तीन मौके होंगे. अब ऐसे में शिक्षकों के मन में यह भी सवाल उठ रहे हैं कि परीक्षा पास करने के बाद उन्हें कौन-कौन सी नई सुविधा मिलेगी या उन्हें वेतन कितना मिलेगा.

कितनी होगी सैलरी

नियोजित शिक्षक जो सक्षमता परीक्षा पास कर लेंगे उन्हें मूल वेतन के साथ कई अ भत्ता भी दिया जाएगा. इसमें राज्य सरकार के अनुसार महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, चिकित्सा भत्ता और शहरी परिवहर भत्ता भी शामिल है. इसके अलावा समय-समय पर शिक्षकों के वेतन और भत्तों में संशोधन भी किया जाएगा.

  • कक्षा एक से पांचवीं तक के शिक्षकों को 25 हजार रुपये मिलेगा मूल वेतन

  • कक्षा 6 से 9वीं तक के शिक्षकों को 28 हजार रुपये मिलेगा मूल वेतन

  • कक्षा 9 वीं और 10 वीं के शिक्षकों को 31 हजार रुपये मिलेगा मूल वेतन

  • कक्षा 11 और 12 के शिक्षकों को 32 हजार रुपये मिलेगा मूल वेतन

मिलेगा प्रमोशन और ट्रांसफर

नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद बीपीएससी से नियुक्त शिक्षकों के सामान वेतन तो मिलेगा ही इसके अलावा कई अन्य सुविधा भी मिलेगी. जैसे प्रमोशन और ट्रांसफर का लाभ. राज्यकर्मी के बाद नियोजित शिक्षकों का ट्रांसफर जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जिला के अंदर किया जाएगा. व शिक्षकों के अनुरोध पर उनका ट्रांसफर निदेशक प्राथमिक या निदेशक माध्यमिक के द्वारा जिले के बाहर भी किया जा सकेगा.

सक्षमता परीक्षा पास होने के मिलेंगे तीन मौके

नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा पाने के लिए सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण होने के लिए अधिकतम तीन मौके दिये जायेंगे. इसके बाद भी फेल होने वाले शिक्षकों को सेवा से हटा दिया जायेगा. सफल शिक्षकों को आवश्यकता के अनुसार विभिन्न स्कूलों में तैनात किया जाएगा. शिक्षकों से पोस्टिंग को लेकर तीन विकल्प भी मांगे जाएंगे. शिक्षक बताएंगे कि वह जिले के किस स्कूल में तैनाती चाहते हैं. इसे लेकर शिक्षा विभाग उनसे तीन विकल्प लेगा. इसके बाद मेरिट लिस्ट के आधार पर इन शिक्षकों की पोस्टिंग की जाएगी.

बिहार बोर्ड लेगी सक्षमता परीक्षा

जानकारी के अनुसार नियोजित शिक्षकों की सक्षमता परीक्षा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति लेगी. परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों का संवर्ग जिला स्तरीय होगा. इसके साथ ही यह भी प्रावधान किया गया है कि बीपीएससी से सफल हुए वैसे नियोजित शिक्षक जो अपने पुराने स्कूल में रहना चाहते हैं, उन्हें सक्षमता परीक्षा देने की जरूरत नहीं है.

कहे जाएंगे विशिष्ट शिक्षक

उल्लेखनीय है कि राज्यकर्मी का दर्जा देने के लिए बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2023 तैयार की गयी है. राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद इन्हें विशिष्ठ शिक्षक के नाम से जाना जायेगा. इस विशिष्ट शब्द को हटाने का सुझाव बड़ी संख्या में शिक्षकों ने दिया है, लेकिन इस शब्द को हटाने की सहमति अभी नहीं मिली है. सहमति मिलने के बाद नियमावली से विशिष्ट शब्द हटा दिया जाएगा.

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सीएम नीतीश ने किया था ऐलान

बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में 2 नवंबर को बीपीएससी शिक्षक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में नियोजित शिक्षकों को लेकर बड़ा ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि मामूली परीक्षा लेकर नियोजित शिक्षकों सरकारी शिक्षक बनायेंगे. नियोजित शिक्षकों को भी तो पैसा सरकार दे ही रहे हैं. उनकी मांग थी सरकारीकरण करने की. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत और नगर निकायों में 3.68 लाख नियोजित शिक्षकों की नियुक्ति की गयी थी. इससे पहले स्कूलों को बुरा हाल था.

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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