शिक्षक की हत्या व जिले में बढ़ते अपराध के खिलाफ भाकपा माले ने निकाला आक्रोशपूर्ण विरोध मार्च सहरसा . दलित शिक्षक राजकुमार पासवान की दिनदहाड़े हुई हत्या व जिले में लगातार बढ़ते अपराध के खिलाफ रविवार को भाकपा माले कार्यकर्त्ताओं ने जिला मुख्यालय में आक्रोशपूर्ण विरोध मार्च निकाला. एसपी ऑफिस के समीप से निकले विरोध मार्च समाहरणालय, आंबेडकर चौक होते वीर कुंवर सिंह पर संपन्न हुआ. इस दौरान पार्टी कार्यकर्त्ता ने सहरसा पुलिस व जदयू-भाजपा सरकार के विरोध में जमकर प्रदर्शन करते नारेबाजी की. विरोध मार्च का नेतृत्व भाकपा माले युवा नेता कुंदन यादव व खेग्रामस राष्ट्रीय परिषद सदस्य विक्की राम ने किया. विरोध-प्रदर्शन में भाकपा माले जिला सचिव ललन यादव भी शामिल हुए. माले नेता कुंदन ने कहा कि नीतीश-भाजपा के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार अपराधी राज में तब्दील हो गया है. दिन प्रतिदिन लूट, छिनतई, हत्या, बलात्कार व गोलीबारी जैसे घटनाओं की बाढ़ आ गयी है. पूरे सूबे में लगातार अपराधियों का तांडव चल रहा है. सरकार व सहरसा पुलिस अपराध को रोकथाम करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है. वहीं खेग्रामस राष्ट्रीय पार्षद विक्की राम ने कहा कि तथाकथित सुशासन की सरकार में दलितों, गरीबों के ऊपर लगातर हमले हो रहे हैं. हत्या की आशंका जता बार-बार आवेदन देने के बावजूद शिक्षक राजकुमार पासवान की दिन के उजाले में हत्या हो जा रही है. प्रशासन उसके आवेदन पर सजग होती तो आज दलित शिक्षक की जान नहीं जाती. उन्होंने दलित शिक्षक की हत्या की जांच सीबीआई से कराने, हत्यारे को अविलंब गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपया मुआवजा व सरकारी नौकरी देने एवं बढ़ते अपराध पर रोक लगाने की मांग की. हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं होती है तो भाकपा माले 26 मार्च को बिहरा बाजार बंद करायेगी. आक्रोशपूर्ण विरोध प्रदर्शन में इंसाफ मंच जिलाध्यक्ष नईम आलम, वरिष्ठ नेता मनोरंजन सिंह, सागर कुमार शर्मा, जमीर आलम, हरिबल्लभ मुखिया, बुलंती देवी, रंधीर कुमार ठाकुर, कमलकिशोर यादव, बिजेंद्र राम, प्रताप राम, गुड्डू राम, दुसाध उत्थान परिषद के जिला सचिव प्रदीप पासवान, सुनील पासवान, राजा पासवान, रंजीत, दिवाकर, वकील, राहुल, सुशील पासवान सहित दर्जनों शामिल थे.
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