Saharsa Protest: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सोमवार को सहरसा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया गया. शारदा नगर बटराहा स्थित जिला कार्यालय से निकला प्रतिरोध मार्च विभिन्न मार्गों से होते हुए चांदनी चौक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया.
सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो", "भाजपा-आरएसएस सरकार मुर्दाबाद", "हिटलरशाही नहीं चलेगी", "आंदोलनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों" और "नीट पेपर लीक पर जवाब दो" जैसे नारे लगाए. प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाये गये.
शिक्षा व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप
सभा को संबोधित करते हुए सीपीएम नेता व्यास प्रसाद यादव, रमेश यादव, संजय कुमार सिंह, नसीमुद्दीन तथा डीवाईएफआई के जिला सचिव सह राज्य संयुक्त सचिव कुलानंद कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था के मोर्चे पर विफल रही है. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर संवाद करने के बजाय आंदोलनकारी छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है.
नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच की मांग
वक्ताओं ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.
काफी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
Saharsa Protest: प्रदर्शन में मनोज शर्मा, मो. मुर्शीद आलम, मो. आबताफ आलम उर्फ आबरू, सोनू कुमारी, एसएफआई नेता रेहान खान, रिंकू, सानिया प्रवीण, युवा नेता दिलीप शर्मा, सुशील पासवान, जालो पासवान, मो. सोनू, एडवा नेत्री अनिता देवी, सीपीएम नेता डोमी पासवान, पवन सादा, कैलाश स्वर्णकार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुये.
