फोटो - बिजली जाने के बाद मरीज को पंखा झेलते परिजन | Prabhat Khabar Network

सहरसा के 'मॉडल' सदर अस्पताल के दावों की खुली पोल: दिनभर गुल रही बिजली, AC खराब होने से गर्मी में तड़पे मरीज

सहरसा के मॉडल सदर अस्पताल में बिजली कटौती और खराब वातानुकूलन (AC) व्यवस्था के कारण मरीज गर्मी और उमस से बेहाल हैं. करोड़ों की सुविधाओं के बावजूद आधारभूत व्यवस्था की कमी पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

सहरसा. जिले के मॉडल सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित होते ही अस्पताल की व्यवस्था की तस्वीर अलग नजर आती है. शुक्रवार को दिनभर कई बार बिजली गुल होने से अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज और उनके परिजन गर्मी व उमस से परेशान रहे. बिजली कटते ही पंखे बंद हो गए और वार्डों में उमस बढ़ गयी, जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

आधे से एक घंटे तक बिजली बाधित रहने का दावा

अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने बताया कि अक्सर आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है. इस दौरान वार्डों में लगे पंखे बंद हो जाते हैं और गर्मी के कारण मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है.

परिजनों का कहना है कि कई मरीज गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और उन्हें लगातार आरामदायक वातावरण की जरूरत होती है. ऐसे में बिजली कटने के बाद पर्याप्त वैकल्पिक सुविधा नहीं मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है.

फोटो - टॉर्च की रोशनी में काम करते कर्मी | Prabhat Khabar Network

बिजली जाते ही वैकल्पिक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

मरीजों के परिजनों के अनुसार मॉडल अस्पताल का दर्जा मिलने के बावजूद बिजली संकट से निपटने के लिए प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था दिखाई नहीं देती. अस्पताल में जनरेटर या अन्य वैकल्पिक संसाधन होने के बावजूद उसका लाभ मरीजों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंचने की शिकायत की जा रही है. बिजली आपूर्ति बाधित होते ही वार्डों में पंखे बंद होने से पूरा वातावरण गर्म और उमस भरा हो जाता है. इसका सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों पर पड़ने की बात परिजन कह रहे हैं.

वर्षों से बंद एसी सिस्टम को लेकर भी शिकायत

अस्पताल में स्थापित केंद्रीय वातानुकूलन यानी एसी व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि मॉडल अस्पताल बनने के कुछ समय बाद ही एसी सिस्टम खराब हो गया था. इसके बाद इसे दुरुस्त कराने को लेकर पत्राचार और आश्वासन तो दिए जाते रहे, लेकिन व्यवस्था अब तक सुचारु नहीं हो सकी है. अस्पताल परिसर में लगे कई एसी लंबे समय से बंद पड़े होने की बात कही जा रही है. ऐसे में मरीजों को गर्मी के मौसम में केंद्रीय वातानुकूलन की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

करोड़ों की सुविधाओं के बीच आधारभूत व्यवस्था पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि मॉडल अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इसके बावजूद बिजली आपूर्ति और वातानुकूलन जैसी आधारभूत सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. बिजली कटौती के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने और लंबे समय से बंद एसी सिस्टम को लेकर अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं.

मरीजों ने वैकल्पिक व्यवस्था और एसी दुरुस्त कराने की मांग की

मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. साथ ही लंबे समय से बंद पड़े एसी सिस्टम को जल्द दुरुस्त कर चालू कराने की भी मांग की गयी है, ताकि अस्पताल में भर्ती मरीजों को गर्मी और उमस के बीच अतिरिक्त परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.

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लेखक के बारे में

By अंजन आर्यन सिंह

पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव. अब तक लगातार सहरसा से क्राइम और स्वास्थ्य की खबरें संकलित करता हूं.

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