Health Screening Campaign Saharsa: सहरसा जिले में गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार के लिए मंगलवार से ‘जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार अभियान’ शुरू हो गया. अभियान के तहत 90 दिनों में जिले के करीब 10.98 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच कराने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए जिले के 245 चिन्हित स्वास्थ्य संस्थानों को सक्रिय किया गया है.
समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की. यह अभियान 2 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा. खास बात यह है कि लोगों को जांच के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं होगी. उनके घर के नजदीक स्थित स्वास्थ्य संस्थानों में नि:शुल्क जांच और आवश्यक परामर्श की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी.
मधुमेह और बीपी से लेकर कैंसर तक की होगी जांच
अभियान का मुख्य उद्देश्य गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान करना और जरूरत के अनुसार उपचार शुरू करना है. इस दौरान मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर समेत विभिन्न गैर-संचारी रोगों की जांच की जायेगी. जांच के बाद जरूरत के अनुसार लोगों को चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की सुविधा भी उपलब्ध करायी जायेगी.
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान प्रभावी उपचार और बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए बेहद जरूरी है. उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे अभियान का लाभ उठायें और अपनी स्वास्थ्य जांच जरूर करायें.
245 स्वास्थ्य संस्थानों की टीम रहेगी सक्रिय
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों की टीमों को सक्रिय किया गया है. सिविल सर्जन डॉ राजनारायण प्रसाद ने बताया कि जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की टीमों को अभियान में लगाया गया है. संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों पर जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है.
जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी डॉ एसएस मेहता ने बताया कि लोगों को उनके घर के नजदीक स्वास्थ्य संस्थानों में नि:शुल्क जांच की सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है. इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है.
माइक्रो प्लान से तय हुई स्वास्थ्य कर्मियों की जिम्मेदारी
अभियान को केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है. इसके लिए माइक्रो प्लान तैयार किया गया है. प्रभारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक सिंपी कुमारी ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय कर दी गयी हैं.
चिन्हित आयु वर्ग के लोगों की स्क्रीनिंग के साथ जरूरत के अनुसार परामर्श और उपचार की सुविधा भी उपलब्ध करायी जायेगी. इससे ऐसे लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जिन्हें बीमारी के शुरुआती लक्षण होने के बावजूद इसकी जानकारी नहीं है.
Health Screening Campaign Saharsa: पहले दिन 132 लोगों की हुई जांच
अभियान की शुरुआत के पहले ही दिन जिला अस्पताल और अनुमंडलीय अस्पताल में स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी गयी. जिला अस्पताल में 73 और अनुमंडलीय अस्पताल में 59 लोगों की जांच की गयी. यानी पहले दिन कुल 132 लोगों ने स्वास्थ्य जांच करायी.
अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में लोगों को जांच के लिए प्रेरित किया जायेगा, ताकि गैर-संचारी रोगों की पहचान शुरुआती स्तर पर ही हो सके और समय रहते आवश्यक उपचार शुरू किया जा सके.
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, सहायक समाहर्ता केतन शुक्ला सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे.
अभियान 30 नवंबर तक चलेगा. ऐसे में 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए यह अभियान नियमित स्वास्थ्य जांच कराने का एक महत्वपूर्ण अवसर है. अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती तय लक्ष्य के अनुसार 10.98 लाख लोगों तक जांच सुविधा पहुंचाना और अभियान को जमीन पर प्रभावी बनाना होगी.
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