सहरसा. ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने की कवायद तेज हो गयी है. पंचायत स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और बच्चों व युवाओं को खेल से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में गठित ग्राम पंचायत खेल क्लबों को सक्रिय किया जा रहा है. इसी कड़ी में शुक्रवार को सोनवर्षा एवं महिषी प्रखंड के ग्राम पंचायत खेल क्लबों के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष की बैठक खेल भवन-सह-व्यायामशाला में आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता जिला खेल पदाधिकारी कुमारी तोसी ने की.
खेल क्लबों के उद्देश्य और जिम्मेदारियों की दी जानकारी
बैठक के दौरान क्लब पदाधिकारियों को ग्राम पंचायत खेल क्लब के उद्देश्य, कार्यप्रणाली, भूमिका और दायित्वों की विस्तार से जानकारी दी गयी. पंचायत स्तर पर नियमित खेल गतिविधियां संचालित करने और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान पर जोर
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के माध्यम से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि पंचायत स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान होने से बच्चों और युवाओं को अपनी क्षमता दिखाने के लिए बेहतर अवसर मिल सकेगा.
खेल मैदान और उपलब्ध संसाधनों का होगा बेहतर उपयोग
क्लब पदाधिकारियों को पंचायत स्तर पर उपलब्ध खेल मैदानों और अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का निर्देश दिया गया. साथ ही खिलाड़ियों की नियमित भागीदारी सुनिश्चित करने और पंचायत में आयोजित होने वाली खेल गतिविधियों का रिकॉर्ड संधारित करने पर भी जोर दिया गया.
पंचायत स्तर से तैयार होगी खिलाड़ियों की नई पौध
जिला खेल पदाधिकारी कुमारी तोसी ने कहा कि पंचायत स्तर पर खेल क्लबों के मजबूत होने से ग्रामीण इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए बेहतर मंच मिलेगा. उन्होंने क्लब पदाधिकारियों से सक्रियता के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को खेल से जोड़ने की अपील की.
प्रतियोगिता तक सीमित नहीं होगी क्लबों की भूमिका
जिला खेल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत खेल क्लबों की भूमिका केवल प्रतियोगिताओं के आयोजन तक सीमित नहीं होगी. क्लबों को पूरे वर्ष नियमित खेल गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभानी होगी. इसका उद्देश्य पंचायत स्तर से ही खिलाड़ियों की नई पौध तैयार करना और उन्हें प्रशिक्षण व प्रतियोगिताओं के जरिए आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना है.
