Patraghat Missing Children: पतरघट. हॉस्टल में पढ़ाई कर रहे दो नाबालिग बच्चे बुधवार को अचानक बिना किसी को बताये बाहर निकल गये. जब दोनों बच्चे हॉस्टल में नहीं मिले तो प्रबंधन ने परिजनों को इसकी जानकारी दी. बच्चों के अचानक गायब होने की खबर मिलते ही परिवार की चिंता बढ़ गयी और उनकी तलाश शुरू कर दी गयी.
इसी बीच पतरघट पुलिस की नजर दोनों बच्चों पर पड़ी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और थाने ले आयी. पूछताछ के बाद परिजनों से संपर्क किया गया. आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों बच्चों को उनके पिता के सुपुर्द कर दिया गया.
बच्चों के सुरक्षित मिलने की खबर मिलते ही परिवार ने राहत की सांस ली.
पढ़ाई के लिए हॉस्टल में रह रहे थे दोनों भाई
नादो पंचायत के वार्ड 14 निवासी मनिलाल कामत के दो पुत्र रौनक कुमार और अंकृत कुमार निजी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे.
रौनक की उम्र 10 वर्ष और अंकृत की उम्र नौ वर्ष बतायी गयी है. दोनों सौर बाजार थाना क्षेत्र के नादो पंचायत स्थित एक निजी हॉस्टल में रहते थे.
बुधवार को दोनों बच्चे अचानक हॉस्टल से बाहर निकल गये. खास बात यह रही कि उन्होंने न तो हॉस्टल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी और न ही अपने परिजनों को बताया.
हॉस्टल में बच्चे नहीं मिले तो बढ़ी चिंता
जब हॉस्टल प्रबंधन को दोनों बच्चे नहीं मिले तो उनकी तलाश शुरू की गयी. इसके बाद परिजनों को भी इसकी सूचना दी गयी.
दो छोटे बच्चों के इस तरह बिना बताये चले जाने की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग परेशान हो गये. परिजन अपने स्तर से दोनों की खोजबीन में जुट गये.
परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह थी कि दोनों बच्चे कम उम्र के हैं और अनजान जगह पर अकेले हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर परिजनों की बेचैनी लगातार बढ़ रही थी.
पुलिस की नजर पड़ी तो मिली बड़ी राहत
इसी दौरान पतरघट पुलिस की नजर दोनों बच्चों पर पड़ी. पुलिस ने बिना देर किये दोनों को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया.
पुलिस उन्हें थाना लेकर पहुंची और बच्चों से पूछताछ की. बातचीत के दौरान उनके परिजनों की जानकारी जुटायी गयी. इसके बाद पुलिस ने बच्चों के परिवार से संपर्क किया.
सूचना मिलने के बाद बच्चों के पिता मनिलाल कामत पतरघट थाना पहुंचे.
कागजी प्रक्रिया के बाद पिता को सौंपे गये बच्चे
थाना पहुंचने के बाद आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की गयी. इसके बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को उनके पिता के सुपुर्द कर दिया.
अपने दोनों पुत्रों को सकुशल देखकर पिता और परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली. बच्चों के घर लौटने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है.
परिजनों ने समय रहते दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर परिवार तक पहुंचाने के लिए पतरघट पुलिस की तत्परता की सराहना की और पुलिस के प्रति आभार जताया.
Patraghat Missing Children: बच्चों की सुरक्षा को लेकर जरूरी है सतर्कता
यह घटना बच्चों के हॉस्टल से बाहर निकलने के बाद उनकी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है. कम उम्र के बच्चे बिना किसी को बताये हॉस्टल से बाहर निकल गये और कुछ समय तक परिवार को उनकी जानकारी नहीं थी.
हालांकि इस मामले में पुलिस की तत्परता से दोनों बच्चे सुरक्षित मिल गये और उन्हें उनके पिता को सौंप दिया गया. घटना का सुखद पहलू यह रहा कि दोनों बच्चे सकुशल अपने परिवार तक पहुंच गये.
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