अब समय के अनुसार बदलेगा बिजली बिल

अब समय के अनुसार बदलेगा बिजली बिलअ

दिन में सस्ती, पीक आवर में महंगी बिजली से मिलेगा बचत का अवसरः ईई भारी उपकरणों का उपयोग सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे के बीच करने से होगी बड़ी बचत सहरसा . बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं को महीने के अंत में मिलने वाले बिल में सिर्फ कुल यूनिट नहीं, बल्कि अलग-अलग समय पर खर्च हुई बिजली का पूरा ब्यौरा मिलेगा. अब यह साफ दिखेगा कि आपने किस समय कितनी बिजली खर्च की व उसी हिसाब से बिल भी तय होगा. इस नयी व्यवस्था के तहत दिन के समय बिजली सस्ती व शाम के पीक आवर में महंगी हो जायेगी. जिससे उपभोक्ताओं को अपने खर्च पर नियंत्रण रखने का मौका मिलेगा. नयी व्यवस्था के मुताबिक सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक के आठ घंटे में बिजली की दर लगभग 20 फीसदी कम रहेगी व प्रति यूनिट करीब 2.39 रुपये देना होगा. वहीं शाम पांच बजे से रात 11 बजे तक का समय सबसे महंगा होगा. जब प्रति यूनिट दर करीब 4.61 रुपये तक पहुंचेगी. जो सामान्य दर से 20 फीसदी अधिक है. रात 11 बजे से सुबह नौ बजे तक के 10 घंटे में सामान्य दर यानी लगभग 3.87 रुपये प्रति यूनिट लागू रहेगा. इस तरह अब उपभोक्ताओं के पास यह विकल्प होगा कि वे अपने भारी बिजली उपकरणों का इस्तेमाल सस्ते समय में कर बिल कम कर सके. विद्युत कार्यपालक अभियंता सहरसा ई अमित कुमार ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वॉशिंग मशीन, मोटर एवं अन्य भारी उपकरणों का उपयोग सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे के बीच करें. ऐसा करने पर बिल में करीब 20 फीसदी तक की बचत संभव है. इस बदलाव का मकसद लोगों को समझदारी से बिजली इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना है. जिससे फिजूलखर्ची पर रोक लग सके. बिलिंग में तीन तरह के शुल्क भी जोड़े जायेंगे. इसमें सबसे पहले ऊर्जा शुल्क होगा, जो वास्तविक यूनिट खपत के आधार पर तय होगा. इसके अलावा कुल खर्च पर छह फीसदी इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी लगेगी. वहीं घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति किलोवाट 80 रुपये का फिक्स चार्ज भी जोड़ा जायेगा. कोई उपभोक्ता तय लोड से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करता है तो उस पर अतिरिक्त फिक्स चार्ज भी लगाया जायेगा. बिजली विभाग का मानना है कि इस नये टाइम ऑफ डे टैरिफ व्यवस्था से बिजली की मांग एवं आपूर्ति के बीच संतुलन बेहतर होगा. ऐसे में महंगी दर लागू होने से पीक आवर की खपत कम होगी एवं सिस्टम पर दबाव भी घटेगा. कुल मिलाकर यह बदलाव उपभोक्ताओं को ना सिर्फ अपने बिजली बिल पर नियंत्रण का मौका देगा. बल्कि पूरे बिजली सिस्टम को संतुलित रखने में भी मदद करेगा. अब यह उपभोक्ताओं पर निर्भर करेगा कि वे अपने इस्तेमाल का समय बदलकर इस नयी व्यवस्था का कितना फायदा उठा पाते हैं.

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By Dipankar Shriwastaw

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