कोसी-बागमती रेल पुल पर रातभर पहरा, नेपाल की बाढ़ से रेलवे अलर्ट; पानी बढ़ा तो रोकी जाएगी ट्रेन

नेपाल में बाढ़ की भयावह स्थिति के मद्देनजर पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल में हाई अलर्ट जारी किया गया है. जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते रेल प्रशासन ने ट्रेनों को रोकने और ट्रैक व पुलों की निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है.

Saharsa-Mansi Rail Route: नेपाल में बाढ़ की भयावह स्थिति ने बिहार के सीमावर्ती इलाकों के साथ रेलवे की भी चिंता बढ़ा दी है. नेपाल से आने वाले पानी के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल में हाई अलर्ट जारी किया गया है. इसका सीधा असर सहरसा-मानसी रेलखंड की निगरानी व्यवस्था पर पड़ा है.

इस रेलखंड पर कोसी और बागमती नदी पर बने दोनों महत्वपूर्ण रेल पुलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. फिलहाल दोनों पुलों के नीचे पानी का दबाव खतरे के निशान से काफी नीचे बताया जा रहा है, लेकिन नेपाल में लगातार बिगड़ती बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रेलवे किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है.

कोसी-बागमती पुलों पर रात में भी पहरा

सहरसा-मानसी रेलखंड पर कोसी नदी के रेल पुल संख्या 51 और बागमती नदी के रेल पुल संख्या 57 की विशेष निगरानी शुरू कर दी गयी है. दोनों पुलों पर नाइट पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गयी है.

यानी अब दिन के साथ रात में भी रेलकर्मी पुलों और आसपास के जलस्तर पर नजर रखेंगे. इसका मकसद पानी बढ़ने की स्थिति का समय रहते पता लगाना और किसी भी संभावित खतरे से पहले रेलवे को अलर्ट करना है.

फिलहाल रेलवे अधिकारियों के अनुसार दोनों पुलों पर पानी का स्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है. इसलिए अभी ट्रेनों के परिचालन पर रोक नहीं लगायी गयी है.

नेपाल से आने वाले पानी ने बढ़ायी चिंता

नेपाल में बाढ़ की स्थिति बिगड़ने पर वहां से आने वाला पानी बिहार की नदियों के जलस्तर को प्रभावित कर सकता है. कोसी और बागमती जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में रेलवे पुल और ट्रैक भी प्रभावित हो सकते हैं.

इसी आशंका को देखते हुए समस्तीपुर मंडल ने पहले से ही निगरानी बढ़ा दी है. रेलवे का प्रयास है कि जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर स्थिति की जानकारी समय रहते मिल जाये और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल फैसला लिया जा सके.

ट्रैकमैन से लेकर इंजीनियरिंग टीम तक अलर्ट

मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा ने इंजीनियरिंग विभाग के रेलकर्मियों और अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है.

ट्रैकमैन और पुलों की निगरानी करने वाले कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. सभी कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में रेलवे ट्रैक, पुल-पुलिया और जलस्तर पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है.

रेलवे के लिए यह निगरानी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाढ़ की स्थिति में ट्रैक के नीचे की मिट्टी या पुल के आसपास का हिस्सा प्रभावित होने की आशंका रहती है. ऐसी स्थिति में केवल पानी का स्तर देखना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि ट्रैक और पुल की संरचनात्मक सुरक्षा पर भी नजर रखनी पड़ती है.

चंपारण में भी प्रशासन के साथ समन्वय

डीआरएम ने पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बाढ़ की स्थिति से निपटने का निर्देश दिया है.

रेल प्रशासन के अधिकारी राज्य के बाढ़ नियंत्रण निदेशक के भी लगातार संपर्क में रहेंगे. जलस्तर और बाढ़ की स्थिति में होने वाले बदलाव की सूचना तत्काल रेल अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गयी है.

इस तरह रेलवे स्थानीय प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण तंत्र से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर रेल परिचालन को लेकर जरूरी निर्णय ले सकेगा.

पानी बढ़ा तो सबसे पहले ट्रेन की रफ्तार पर लगेगा ब्रेक

रेल यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पानी बढ़ने की स्थिति में रेलवे तत्काल ट्रेनों को रोक सकता है.

रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी रेलखंड पर पानी बढ़ने या रेलवे ट्रैक की सुरक्षा प्रभावित होने की सूचना मिलती है तो संबंधित ट्रेनों का परिचालन तत्काल रोका जायेगा. जरूरत पड़ने पर ट्रेनों की गति और परिचालन को नियंत्रित किया जा सकता है.

यानी अभी ट्रेनों को रोकने का कोई निर्णय नहीं है, लेकिन जलस्तर या ट्रैक की सुरक्षा में खतरा सामने आते ही परिचालन पर तत्काल असर पड़ सकता है.

Saharsa-Mansi Rail Route: यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता

बाढ़ के दौरान रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती ट्रैक और पुलों को सुरक्षित रखने के साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इसी वजह से रेलवे ने जलस्तर बढ़ने का इंतजार करने के बजाय पहले से निगरानी बढ़ा दी है.

कोसी और बागमती पुलों पर नाइट पेट्रोलिंग इसी एहतियाती तैयारी का हिस्सा है. रेलकर्मियों को किसी भी असामान्य स्थिति की तत्काल सूचना देने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है.

फिलहाल सहरसा-मानसी रेलखंड पर परिचालन सामान्य है. लेकिन नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में जलस्तर में होने वाला बदलाव महत्वपूर्ण होगा. यात्रियों को भी यात्रा से पहले ट्रेन के परिचालन की ताजा स्थिति की जानकारी लेते रहना बेहतर होगा.

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लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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