मनरेगा बीएफटी ने पीओ पर कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी का लगाया आरोप

मनरेगा बीएफटी ने पीओ पर कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी का लगाया आरोप

कमीशन वसूलकर लाओ, नहीं तो ऑफिस में रहकर मेरा जूठा कप उठाओ पीओ ने कहा, आरोप बेबुनियाद, बीएफटी ने की बदतमीजी नवहट्टा . भले ही सरकार मनरेगा योजना का नाम बदलकर कार्य प्रणाली में सुधार लाकर जमीनी स्तर पर धरातल पर योजना को उतारने की बात कर रही हो, लेकिन विभागीय अधिकारी ही जब दीमक की तरह वसूली, कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार करें तो जमीन पर हकीकत कैसे बयां होगी. ताजा मामला प्रखंड के मनरेगा कार्यालय का है, जहां मनरेगा कार्यालय में पदस्थापित मनरेगा बीएफटी ने अपने ही कार्यक्रम पदाधिकारी पर रिश्वत वसूल कर पहुंचाने का आरोप लगाया है. बीएफटी ने डीएम, डीडीसी सहित अन्य पदाधिकारियों को आवेदन भेजकर न्यायिक कार्रवाई की मांग की है. आवेदन में कहा गया है कि पीओ तालूत अंसारी उन्हें कामकाज को लेकर प्रताड़ित करते आये हैं. गुरुवार को जब वे कार्यालय पहुंचे तो पीओ ने बीएफटी अनिरुद्ध से कहा कि जाओ, मुखिया समिति सब से योजना में हुए भुगतान का कमीशन लेकर आओ. इस पर बीएफटी ने कहा, सर हम लोकल आदमी हैं, हमसे कमीशन वसूलकर लाना संभव नहीं है. इस पर पीओ आगबबूला हो गये व अमर्यादित, असहनीय और अभद्र बातें बोलने लगे. साथ ही यह कहा कि कमीशन वसूलकर लाना नहीं होगा तो ऑफिस में रहकर मेरा जूठा कप उठाओ. साथ ही ऐसी-ऐसी अमर्यादित बातें बोली, जो शब्दों में बयां नहीं की जा सकती है. अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि वर्तमान पीओ ने गुरुवार को मुझे बुलाया व कहा कि आपके पास जितने पंचायत हैं, आप सब मुखिया व समिति से 10 प्रतिशत कमीशन वसूलकर लाइए. वसूली कर राशि लाने की बात से इंकार करने पर पीओ ने मुझे जूठा कप उठाने को कहा. इस पर हम बोले, सर हम संत परिवार से हैं, हमसे जूठा कप मत उठवाइए तो मेरे साथ गाली-गलौज की. जबकि इस बाबत पूछे जाने पर मनरेगा पीओ तालूत अंसारी ने बताया कि आज के समय में आरोप लगाना आसान बात हो गयी है. मनरेगा मजदूरों का ई केवाईसी करने के लिए पहले बीएफटी अनिरुद्ध को बोले तो उसने मोबाइल खराब होने की बात कही. उसके बाद ऑफिशियल काम में सहयोग करने को कहा तो उतावला होकर बदतमीजी की. साथ ही ऐसा लगा कि मुझे मारने के लिए कुर्सी उठा लिया. ऑपरेटर भगलु कुमार व अकाउंटेंट के बीच-बचाव से मामला शांत हुआ. कमीशन उगाही, रिश्वतखोरी व भ्रष्टाचार से संबंधित आरोप पूरी तरह से निराधार है.

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By Dipankar shriwastaw

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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