अभियंत्रण महाविद्यालय सहरसा में नयी उम्मीदए बेटर टुमॉरो विषय पर सेमिनार का हुआ आयोजन सहरसा. कोसी क्षेत्र के सहरसा अभियंत्रण महाविद्यालय में शुक्रवार को नयी उम्मीद ए बेटर टुमॉरो विषय पर एक दिवसीय प्रेरणादायक सेमिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, मानसिक संतुलन व आधुनिक जीवन की चुनौतियों से निपटने के प्रति जागरूक करना था. यह सेमिनार ब्रह्माकुमारी संस्थान के सहयोग से आयोजित किया गया. कार्यक्रम का मंच संचालन महाविद्यालय के अंतिम वर्ष के छात्र देवराज कुमार ने किया. कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति से दीप प्रज्वलन कर किया गया. जिससे ज्ञान, ऊर्जा एवं सकारात्मकता का संदेश दिया गया. इस मौके पर अभियंत्रण महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो डॉ राम चंद्र प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते वर्तमान समय में युवाओं के बीच बढ़ती अवसाद की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आज की प्रतिस्पर्धी जीवन शैली में छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत रहना आवश्यक है. उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बनाए रखने, सकारात्मक सोच विकसित करने एवं जीवन में संतुलन बनाकर चलने की सलाह दी. प्राचार्य के संबोधन के बाद मुख्य वक्ता रवि शंकर एवं सरिका बहन ने विद्यार्थियों को संबोधित किया. दोनों वक्ताओं ने सेमिनार के मुख्य विषय नयी उम्मीद ए बेटर टुमॉरो पर विस्तार से अपने विचार रखते विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, आत्मचिंतन व सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया. वक्ताओं ने विशेष रूप से युवाओं में बढ़ रही मोबाइल फोन की लत पर प्रकाश डालते कहा कि अत्यधिक मोबाइल उपयोग से छात्रों में चिड़चिड़ापन, तनाव व एकाग्रता की कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही है. उन्होंने विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करने एवं डिजिटल उपकरणों का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी. कार्यक्रम के दौरान ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति व विभिन्न प्रेरणादायक स्लाइड्स के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया गया. लगभग दो घंटे तक चले इस व्याख्यान में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह व रुचि के साथ भाग लिया व वक्ताओं के विचारों से प्रेरणा प्राप्त की. कार्यक्रम के अंत में सहायक प्राध्यापक भौतिकी डॉ जयप्रकाश यादव ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते धन्यवाद ज्ञापित किया.
प्रतिस्पर्धी जीवन शैली में छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत रहना आवश्यकः प्राचार्य
मानसिक रूप से मजबूत रहना आवश्यकः प्राचार्य
