सिमरी बख्तियारपुर, सहरसा से आयुष की रिपोर्ट: प्रखंड की भटौनी पंचायत में बन रहे पंचायत सरकार भवन में धांधली की शिकायतों के बाद गुरुवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित एक उच्चस्तरीय जांच टीम ने निर्माण स्थल का जायजा लिया और निर्माण सामग्री के सैंपल भी लिए.
हथौड़ा मारते ही झड़ने लगा सीमेंट और बालू
जांच टीम का नेतृत्व एसडीओ आलोक राय कर रहे थे, जिसमें राजस्व अधिकारी खुशबू कुमारी और भवन निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दीपक कुमार शामिल थे. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस जांच में भवन की गुणवत्ता की पोल खुलती नजर आई. जब टीम ने कुछ पिलरों पर हथौड़ी से हल्की चोट की, तो सीमेंट और बालू झरने लगा. टीम ने भवन के कमरों, पिलरों और दीवारों की गहनता से जांच की और सैंपल अपने साथ ले गए.
जमीन के चयन और जलजमाव पर ग्रामीणों की चिंता
मौके पर मौजूद मुखिया सज्जन साह और ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि जहां भवन बनाया जा रहा है, वह इलाका साल के छह महीने पानी में डूबा रहता है. पास ही तिलावे नदी है, जो मानसून में उफान पर रहती है. ग्रामीणों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि भवन को एनएच 107 के लेवल से करीब तीन-चार फीट नीचे बनाया जा रहा है. उनका आरोप है कि इससे भविष्य में भवन हमेशा जलमग्न रहेगा और जल्दी ही क्षतिग्रस्त हो जाएगा.
एक सप्ताह में सौंपी जाएगी रिपोर्ट
एसडीओ आलोक राय ने बताया कि ग्रामीणों और मुखिया द्वारा की गई अनियमितता की शिकायत पर यह जांच की गई है. उन्होंने कहा कि तकनीकी टीम की रिपोर्ट आने के बाद एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी. रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. गौरतलब है कि मुखिया सज्जन साह और सैकड़ों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर निर्माण में भारी लूट और तकनीकी खामियों की शिकायत की थी, जिसके बाद यह जांच टीम गठित की गई थी.
