Saharsa News: सहरसा के ईस्ट एन वेस्ट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज का 17वां स्थापना दिवस रविवार को उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया. इस अवसर पर बीएड सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया गया और नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन मीट का आयोजन भी हुआ. कार्यक्रम में संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, संस्कृति और संस्कार आधारित शिक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई.
समारोह का उद्घाटन ईस्ट एन वेस्ट कॉलेज समूह के चेयरमैन रजनीश रंजन, रेडियो ईस्ट एन वेस्ट 88.4 की महानिदेशिका एवं बीएनएमयू सीनेट सदस्या मनीषा रंजन तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नागेंद्र कुमार झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे.
दीप प्रज्वलन के साथ समारोह की शुरुआत
स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलन के साथ हुई. अतिथियों का पाग, चादर और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया.
पंडित मोहन ठाकुर के निर्देशन में बीएड द्वितीय वर्ष की छात्राध्यापिकाओं स्नेह प्रभा, दर्पण, स्वाती, गिरीजा और कृतिका ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण सांस्कृतिक रंग में रंग गया. स्वागत भाषण प्राध्यापक प्रमुख डॉ प्रियंका पांडेय ने दिया.
17 वर्षों में संस्थान ने बनाई अलग पहचान
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नागेंद्र कुमार झा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए पिछले एक वर्ष की शैक्षणिक उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी दी.
चेयरमैन रजनीश रंजन ने कहा कि ईस्ट एन वेस्ट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज ने अपने 17 वर्षों के सफर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और प्रशिक्षण के बल पर अलग पहचान बनाई है. उन्होंने कहा कि संस्थान हमेशा संस्कृति और संस्कार का संवाहक रहा है और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है.
उन्होंने इस गौरवशाली यात्रा में योगदान देने वाले शिक्षकों, कर्मियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के प्रति आभार भी व्यक्त किया.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-प्रशिक्षण पर विशेष जोर
रेडियो ईस्ट एन वेस्ट 88.4 की महानिदेशिका मनीषा रंजन ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए संस्थान के इतिहास और विकास यात्रा पर प्रकाश डाला.
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-प्रशिक्षण ही किसी भी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान की सबसे बड़ी पहचान होती है और भविष्य में भी इस दिशा में विशेष ध्यान दिया जाएगा.
नए शैक्षणिक सत्र का हुआ शुभारंभ
स्थापना दिवस के अवसर पर बीएड प्रथम वर्ष सत्र 2026-28, बीएड द्वितीय वर्ष सत्र 2025-27, बीएलआईएस तथा ईसीसी सत्र 2025-26 के विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन मीट आयोजित की गई.
कार्यक्रम के दौरान चेयरमैन रजनीश रंजन ने शैक्षणिक कैलेंडर का विमोचन किया और नए सत्र की पाठ्यक्रम रूपरेखा, प्रशिक्षण व्यवस्था तथा शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी विद्यार्थियों को दी.
शिक्षक प्रशिक्षण को नई दिशा देने की पहल
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे शिक्षकों का निर्माण करना है जो समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कृति और शिक्षा की नई चेतना का प्रसार कर सकें.
महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से अनुशासन, नियमित अध्ययन और सक्रिय सहभागिता के साथ नए सत्र की शुरुआत करने का आह्वान किया.
Saharsa News: बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक सच्चिदानंद प्रसाद, पूर्व मुखिया पुरुषोत्तम टंडन सहित महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
समारोह के माध्यम से संस्थान ने अपने 17 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा को याद करते हुए भविष्य में और बेहतर शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई.
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