केंद्र सरकार के किसान मजदूर जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सीपीआईएम नेताओं ने की जनसभा सहरसा . अगामी 24 मार्च को सीपीआईएम द्वारा आहूत दिल्ली रैली की सफलता को लेकर देश के कोने-कोने में पार्टी का जन आक्रोश जत्था का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय नेता खुद शिरकत कर रहे हैं. बिहार में भी राष्ट्रीय नेताओं के नेतृत्व में पांच जत्था चल रहा है. जिस कड़ी में सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय नेता पोलित ब्यूरो सदस्य सह बिहार प्रभारी डॉ अशोक ढवले के नेतृत्व में एक जत्था विभिन्न जिलों से होते सहरसा पहुंचा. जिसमें पार्टी राज्य सचिव ललन चौधरी, राज्य सचिवमंडल सदस्य बिनोद कुमार एवं राज्य सचिव मंडल सदस्य सह जिला सचिव रणधीर यादव सहित अन्य राज्य स्तर के नेता शामिल थे. जन आक्रोश जत्था का सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारेबाजी एवं फूल मालाओं से स्वागत किया. स्वागत के बाद काफिले के साथ जत्था कोपा दुर्गा स्थान पहुंचा. जहां पूर्व से इंतजार कर रहे साथियों ने उत्साहवर्धक स्वागत किया. बाद में माखन साह की अध्यक्षता एवं गुरूदेव शर्मा के संचालन में विशाल जनसभा को संबोधित करते सीपीआईएम पोलित ब्यूरो सदस्य डॉ अशोक ढवले ने कहा कि अमेरिकी साम्राज्यवाद पूरी दुनिया के विकासशील देशों की खनिज संपदा पर कब्जा करने के लिए लगातार एक के बाद एक देशों पर हमले कर रहा है. अभी 15 दिन पहले अमेरिका एवं इजराइल एक साथ मिल कर ईरान पर एकतरफा हमला कर वहां के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खोमनेई की परिवार सहित हत्या कर दी. ईरान की बहादुर जनता एवं सेना एकताबद्ध तरीके से इस कायरतापूर्ण हमले का मुंहतोड़ जवाब दे रही है. जिससे युद्ध ने भीषण रूप ले लिया है. पूरा मिडिलिस्ट इस युद्ध की जद में है एवं धीरे-धीरे युद्ध का क्षेत्र बढ़ता ही जा रहा है. लाखों लोगों की जान अमेरिकी एवं इजरायली हमले में जा रही है. इस युद्ध के कारण तेल एवं गैस के उत्पादन पर भारी प्रभाव पड़ रहा है. जिससे बिहार सहित पूरे देश में लोग गैस के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों के कारण देश में महंगाई आसमान छू रही है. जिसके कारण आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. किसानों की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून के दायरे में लाना सरकार के एजेंडे से बाहर हो गया है. किसानों के किसानी में उपयोग होने वाले सभी सामानों पर से सब्सिडी खत्म कर दी गयी है. चार लेबर के चलते एक बार फिर से मजदूरों का सभी अधिकार खतरे में है. बिजली बिल अधिनियम लागू होते ही किसानों को किसानी में मिलने वाली बिजली बहुत महंगी हो जायेगी. राज्य सचिव ललन चौधरी ने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गयी है. हत्या, लूट एवं छोटी बच्चियों से लेकर बूढ़ी औरतें आज बलात्कार कर हत्या की शिकार हो रही है. बढ़ती हुई बेरोजगारी के कारण पलायन बिहार में नासूर साबित हो रहा है. बिहार की डबल इंजन की सरकार इस समस्याओं के समाधान करने के बजाय ऑपरेशन लोटस की शिकार हो रही है. भाजपा किसी भी तरह से बिहार की गद्दी हथियाना चाहती है. पार्टी राज्य सचिव मंडल सदस्य बिनोद कुमार ने कहा कि बिहार में लाखों स्कूली रसोईया आज भी महज 80 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी पर काम करने के लिए बेबस हैं. यही दुर्दशा आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, आशा, ममता, सफाई कर्मी एवं दूसरे स्किल वर्करों का है. पार्टी जिला सचिव रणधीर यादव ने कहा कि बिहार की सरकार वर्षों से कह रही है कि भूमिहीन परिवार को बसेरा योजना के तहत बास की जमीन एवं पर्चा दी जायेगी. लेकिन सरकार की तमाम बातें ढ़ाक के तीन पात वाली कहानी साबित हो रही है. इन तमाम समस्याओं को लेकर सीपीआईएम के 24 मार्च की दिल्ली रैली में बड़ी संख्या में शामिल होकर जन दबाव पैदा करना होगा. जनसभा को इंद्रदेव प्रसाद इंदू, मिथिलेश कुमार सिंह, कृष्ण दयाल यादव, शकील अहमद खां, अजय कुमार सिंह, असफाक अंसारी, रामचंद्र महतो, जवाहर यादव, कारी मुखिया, अशोक केसरी, माहेश्वर यादव, यशोधर मंडल सरपंच, नसीमुद्दीन, बुधन मुखिया, उपेंद्र महतो, गजेंद्र मुखिया, कृष्णदेव पासवान, विष्णुदेव सादा, डॉ रामरेख यादव, नौशाद आलम, संजू देवी सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित करते भारी संख्या में दिल्ली रैली में भाग लेने का अपील की. फोटो – सहरसा 09 – सभा को संबोधित करते नेता व अन्य
24 मार्च को दिल्ली में सीपीएम की महारैली
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