सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट: नगर निगम क्षेत्र के कचहरी चौक पर रविवार को भाकपा माले और आरवाईए (RYA) के कार्यकर्ताओं ने टीआरई-4 (TRE-4) अभ्यर्थियों पर हुए पुलिसिया लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया और डबल इंजन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान वक्ताओं ने महिला अभ्यर्थियों के साथ हुए अभद्र व्यवहार और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन पर गहरा रोष व्यक्त किया.
युवाओं की आवाज कुचलने की साजिश: कुंदन यादव
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आरवाईए राष्ट्रीय पार्षद सह माले नेता कुंदन यादव ने कहा कि अपने भविष्य और रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज करना भाजपा-जदयू सरकार की दमनकारी मानसिकता को दर्शाता है. उन्होंने इसे युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को कुचलने की एक सुनियोजित साजिश बताया. कुंदन यादव ने कहा कि जिन युवाओं के कंधों पर भविष्य में शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी, उन्हें आज सड़कों पर अपराधियों की तरह पीटा जा रहा है.
रोजगार देने में विफल रही सरकार
माले नेता ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में लाखों पद खाली पड़े हैं और स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, लेकिन सरकार बहाली निकालने के बजाय लाठियां बरसा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब नौजवान हक और रोजगार की बात करते हैं, सरकार पुलिस बल के जरिए आंदोलन को कुचलने का प्रयास करती है. मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी का यह रवैया युवाओं के प्रति संवेदनहीनता को उजागर करता है.
दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और वैकेंसी की मांग
भाकपा माले एवं आरवाईए ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखी हैं. कार्यकर्ताओं ने तत्काल टीआरई-4 की वैकेंसी जारी करने, अभ्यर्थियों की जायज मांगों को पूरा करने और लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने घायल अभ्यर्थियों के समुचित इलाज और मुआवजे की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया.
प्रदर्शन में दर्जनों कार्यकर्ता रहे शामिल
पुतला दहन कार्यक्रम में भाकपा माले जिला सचिव ललन यादव, खेग्रामस राष्ट्रीय पार्षद विक्की राम, युवा नेता चंदन कुमार यादव, ललन कुमार यादव, रणधीर ठाकुर, कमल किशोर यादव, मंटू यादव, सूरज कुमार, मो मुस्ताक, विपिन कुमार और संतोष कुमार राजा सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे. सभी ने एक स्वर में सरकार के इस कदम की निंदा की और आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी.
