बच्चों की तो छुट्टी, क्या करें शिक्षक

बच्चों की तो छुट्टी, क्या करें शिक्षक

बाढ़ के समय भी विद्यालय जाने को विवश हैं शिक्षक पानी ज्यादा होने से स्कूल जाने में असमर्थ, नहीं मिल रही नाव सिमरी बख्तियारपुर. कोसी बराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर जलस्तर में वृद्धि जारी है. सलखुआ प्रखंड के तटबंध के अंदर घरों से लेकर विद्यालयों में पानी प्रवेश कर चुका है. वहीं जलस्तर वृद्धि को देखते हुए बीते दिनों जिलाधिकारी वैभव चौधरी तटबंध के अंदर सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने का आदेश दे चुके है. लेकिन डीएम द्वारा जारी आदेश में शिक्षकों को लेकर कुछ स्पष्ट लिखे ना होने की वजह से शिक्षक इस बाढ़ के समय भी विद्यालय जाने को विवश हैं. हालांकि वह विद्यालय तक पहुंच नहीं पा रहे हैं. चूंकि विद्यालय से लेकर विद्यालय जाने वाली सड़क तक पानी में डूबी है. ऐसे में शिक्षक परेशान हैं. शिक्षकों की परेशानी की ऐसी ही तस्वीर सोमवार को देखने को मिली. सलखुआ के तटबंध के अंदर के विभिन्न स्कूल मे पदस्थापित दर्जनों सरकारी शिक्षक हर रोज की भांति सोमवार को भी स्कूल जाने के लिए धमारा घाट पहुंचे. ये शिक्षक सलखुआ प्रखंड के साम्हरखुर्द, कबीरपुर आदि जगहों के हैं. इन जगहों पर धमारा घाट उतर कर शिक्षक प्रतिदिन जाते है. लेकिन सोमवार को ट्रेन के माध्यम से धमारा घाट पहुंच कर शिक्षक बाढ़ की विकराल स्थिति देख असमंजस मे पड़ गये. शिक्षकों ने बताया कि हमारे छुट्टी को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट आदेश नहीं आया है. इसलिए स्कूल जा रहे हैं. लेकिन पानी ज्यादा होने की वजह से रुके हैं. नाव उपलब्ध नहीं है. इस कारण स्कूल भी नहीं जा पर रहे और स्कूल में भी पानी आ चुका है. इसलिए असमंजस में है.

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