Bihar News: सहरसा के महिषी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय बलुआहा में मिड डे मील में मृत सांप मिलने के बाद फैला डर अब भी खत्म नहीं हुआ है. घटना के पांचवें दिन भी अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल का खाना खाने नहीं दिया. मंगलवार को ग्रामीणों और पैरेंट्स ने मिड डे मील वापस लौटा दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई.
बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद बढ़ा डर
कुछ दिन पहले स्कूल में परोसे गए मिड डे मील में मृत सांप मिलने का मामला सामने आया था. खाना खाने के बाद करीब 250 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी. इसके बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. अभिभावकों का कहना है कि अब उन्हें स्कूल के खाने पर भरोसा नहीं रहा. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे अब भी डरे हुए हैं. कई बच्चे स्कूल में खाना खाने से साफ मना कर रहे हैं.
प्रशासन की कार्रवाई से नाराज ग्रामीण
घटना के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर बीडीओ सह बीईओ भरत कुमार सिंह ने विद्यालय की प्रभारी शिक्षिका अनुपमा कुमारी, नौ रसोइयों और एक अन्य के खिलाफ महिषी थाना में मामला दर्ज कराया था. लेकिन ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि असली जिम्मेदारों को बचाया जा रहा है. उनका कहना है कि स्कूल में भोजन की आपूर्ति एक अधिकृत एनजीओ के माध्यम से होती है, फिर भी कार्रवाई केवल शिक्षकों और रसोइयों पर की गई.
पुलिस की मौजूदगी में भी नहीं लिया खाना
मंगलवार को एनजीओ कर्मी मिड डे मील की सामग्री लेकर स्कूल पहुंचे. इस दौरान डीआरपी एमडीएम रिजवान, शकील अहमद, बीआरपी अवधेश कुमार रमण और महिषी थाना पुलिस भी मौके पर मौजूद थी. इसके बावजूद अभिभावकों ने बच्चों को खाना खाने नहीं दिया. ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी और भोजन की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक वे बच्चों को मिड डे मील नहीं खाने देंगे.
बच्चों की जिंदगी से समझौता नहीं
ग्रामीणों ने कहा कि वे अपने बच्चों की जिंदगी दांव पर नहीं लगा सकते. उनका कहना है कि प्रशासन पहले दोषियों की सही पहचान करे और स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता की गारंटी दे. फिलहाल गांव में डर और नाराजगी दोनों का माहौल बना हुआ है.
