भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव स्वतंत्रता आंदोलन के स्तंभ

भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव स्वतंत्रता आंदोलन के स्तंभ

नौजवान सभा ने मनाया भगतसिंह का शहादत दिवस सहरसा . भारत की जनवादी नौजवान सभा जिला कमेटी के नेतृत्व में रविवार को शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव का शहादत दिवस माकपा जिला पार्टी कार्यालय शारदा नगर में डीवाईएफआई नेता रूपेश रंजन की अध्यक्षता में मनाया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते रूपेश रंजन ने कहा कि क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव स्वतंत्रता आंदोलन के स्तंभ थे. उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को अप्रत्याशित गति दी. भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव को 23 मार्च 1931 को फांसी दे दी गयी थी. डीवाईएफआई जिला सचिव कुलानंद कुमार ने कहा कि भगत सिंह का मानना था कि समाजवाद का रास्ता ही देश के भविष्य का रास्ता है. वे समाजवाद के दीवाने थे. सुखदेव देश कि आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देना अपना सबसे बड़ा सौभाग्य समझते थे. आज वर्तमान सरकार नौजवान के घाव पर नमक छिड़क रही है. सभी सरकारी संस्थाओं को अपने पूंजीपतियों मित्रों के साथ समझौता कर सौंप दिया है, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने शहादत दिवस पर सभी बेरोजगार युवाओं को कम से कम जब-तक नौकरी नहीं मिले तब-तब 10 हजार रुपया बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की. साथ ही सभी रिक्त पदों पर अविलंब भर्ती कराने की बात कही. वक्ताओं ने भगत सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला. मौके पर डीवाईएफआई नेता मनोज शर्मा, निर्मल कुमार, सिंटू कुमार, मो जावेद, कैलाश स्वर्णकार, सीटू नेता नसीम उद्दीन, एडवा नेत्री चंद्रकाला देवी, जरली देवी सहित अन्य मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Dipankar shriwastaw

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >