रंजीत के पिता की भी गोली मार हुई थी हत्या

पिता के साथ पुत्र को भी नहीं छोड़ा 22 वर्ष तक मुखिया रहे थे देव नारायण सोनवर्षाराज : संपत्ति विवाद व राजनीति प्रतिद्वंद्विता को लेकर की गयी 40 वर्षीय रंजीत उर्फ टुनटुन साह की मौत से मृतक के परिजनों के ऊपर संकट छा गया है. एक पुत्री व दो पुत्रों में सबसे छोटे की उम्र […]

पिता के साथ पुत्र को भी नहीं छोड़ा

22 वर्ष तक मुखिया रहे थे देव नारायण
सोनवर्षाराज : संपत्ति विवाद व राजनीति प्रतिद्वंद्विता को लेकर की गयी 40 वर्षीय रंजीत उर्फ टुनटुन साह की मौत से मृतक के परिजनों के ऊपर संकट छा गया है. एक पुत्री व दो पुत्रों में सबसे छोटे की उम्र मात्र पांच वर्ष है. पत्नी व तीन बच्चों की जिंदगी किसके सहारे कटेगी, इस यक्ष प्रश्न का जवाब अब तो समय ही देगा. मालूम हो कि 2001 तक 22 वर्षों से महुआ उत्तरबाड़ी पंचायत के मुखिया रहे मृतक के पिता देव नारायण साह की वर्ष 2004 में वर्चस्व की लड़ाई में गोली मारकर इसी तरह हत्या कर दी गयी थी. देवनारायण मुखिया ने दो शादियां की थी. दुर्भाग्य ने पिता के साथ पुत्र को भी नहीं छोड़ा. मृतक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था तथा पंचायत में लोकप्रिय था. मृतक वर्ष 2016 के पंचायत चुनाव में मुखिया पद के लिए मामूली मतों से पिछड़ गया था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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