किचेन से कार्यालय तक पहुंच रखता है वरुण
कुमार आशीष
सहरसा : बीते चार वर्षो से जिला निबंधन कार्यालय में बतौर रजिस्ट्रार काबिज नीलिमा लाल का खासमखास होने का दावा करने वाला वरुण सिन्हा कानून की बेड़ियों में जकड़ चुका है. दलाल वरुण सहित कार्यालय के कर्मी व स्थानीय लोगों के अनुसार परछाई की तरह वरुण हमेशा रजिस्ट्रार के साथ ही रहता था. मैडम के आवास से लेकर इजलास तक जाने की इजाजत वरुण को मिली हुई थी.
हर काम मैडम के नाम
अपनी बेगुनाही का सबूत देता वरुण बताता है कि जमीन से जुड़ा सभी काम वह मैडम के आदेश पर ही कहता है. जिसमें जमीन का मूल्यांकन सहित सभी महत्वपूर्ण काम शामिल है. एक्ट के अनुसार निबंधन के पूर्व उक्त जमीनों का मूल्यांकन स्थल पर पहुंच रजिस्ट्रार को ही करना है, लेकिन मैडम का भरोसेमंद बन चुका वरुण स्वयं ही सभी कार्यो का निष्पादन कर लेता है. यहां तक की सरकार के स्तर से भेजे जाने वाले पत्र की प्रति भी कार्यालय के बजाय दलाल वरुण की जेब में ही बरामद हुए है.
डायरी में छिपे हैं कई राज
पुलिस ने वरुण के पास से एक डायरी भी बरामद किया है, जो पुलिसिया अनुसंधान को आगे बढ़ाने में मदद करेगी. मिली जानकारी के अनुसार डायरी में जमीन की दलाली में संलिप्त लोगों के नाम व कई प्रकार के खर्चो का ब्योरा शामिल है. जिसमें विभाग के अधिकारियों व कर्मियों की संलिप्ता भी उजागर हो सकती है. फिलवक्त भू-माफियाओं के विरुद्ध पुलिस द्वारा चलाये जा रहे अभियान में डायरी मददगार साबित होगी.
भूमि विवाद को मिलता बढ़ावा
रजिस्ट्री कार्यालय में दलालों की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इन लोगों के द्वारा बगैर किसी प्राधिकार के इजाजत के भू -माफियाओं को नकल मुहैया करा दी जाती है. इसके अलावा दलालों की शह पर कार्यालय अवधि समाप्त होने के बावजूद रात के अंधेरे में निबंधन का कार्य किया जाता है.
