गांधी पथ : नरक यहीं तो है… नीरज गुप्ता गली में भी उफना रहा है नालाघर के नाले में वापस जा रहा है मेन नाले का गंदा पानीघर से निकलना दूभर, व्यवसाय भी हो रहा चौपटप्रतिनिधि, सहरसा मुख्यालयबेड़ा गर्क हो इस नगर परिषद का, जो सिर्फ विभिन्न तरह के टैक्स ही वसूलना और योजना बनाना जानती है. नागरिक सुविधा देने के नाम पर इसे सांप सूंघ जाता है या गंभीर बीमारी हो जाती है. गांधी पथ के लोग नप की व्यवस्था पर ऐसा ही बोलते हैं. नालों की सफाई के मामले में तो यह मुहल्ला शुरू से ही सबसे पीछे रहा है. पूरे गांधी पथ का नाला गंदे, काले व जमे पानी से उफना रहा है. कहीं भी पानी को आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिल रहा है. लिहाजा ओवरफ्लो होकर इधर-उधर फैलने के प्रयास में नजर आते हैं. नालों की दशा से लोगों को उनके घरों में प्रवेश तक करने में मुसीबत हाेती है. सड़क के किनारे स्थित दुकानों के व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. इस रास्ते में दर्जनों ऐसे बिंदु हैं, जहां घर से पानी निकासी के लिए नाले तो बनाये गये हैं. लेकिन वहां निकासी की बजाय मेन नाले का पानी वापस घरों में जा रहा है. नीरज गुप्ता गली का हाल भी बदतरगांधी पथ को अनुराग गली व डीबी रोड से जोड़ने वाली प्रमुख नीरज गुप्ता गली का हाल भी बद से बदतर है. जबकि तकरीबन दो सौ मीटर के इस सीधे नाले की सफाई नप के लिए काफी आसान है. लेकिन परिषद की लापरवाही ने इस साफ-सुथरे मुहल्ले की तसवीर भी बिगाड़ दी है. डीबी रोड की ओर से लंबी दूरी तक नाला उफना रहा है और पानी सड़क पर फैल रहा है. कहीं ढक्कन को ऊपर फेंक गंदा पानी बाहर निकल रहा है. यहां भी नाले का गंदा पानी घर के नाले में वापस जा रहा है. आगे कचरों से भरा नाला पानी को आगे बहने से रोक रहा है. लेकिन सफाई के जिम्मेवार एजेंसी चुप है. फोटो- नाला 1- रेणु प्रेस के बगल में घर में वापस जाता नाले का पानी फोटो- नाला 2- श्रवण साह की दुकान के आगे नाले का हालफोटो- नाला 3- शंकर केशरी की दुकान के आगे अवरुद्ध नालाफोटो- नाला 4- नीरज गुप्ता गली में उफना रहा नाला फोटो- नाला 5- नीरज गुप्ता गली में कचरों से अवरुद्ध नाला
गांधी पथ : नरक यहीं तो है...
गांधी पथ : नरक यहीं तो है… नीरज गुप्ता गली में भी उफना रहा है नालाघर के नाले में वापस जा रहा है मेन नाले का गंदा पानीघर से निकलना दूभर, व्यवसाय भी हो रहा चौपटप्रतिनिधि, सहरसा मुख्यालयबेड़ा गर्क हो इस नगर परिषद का, जो सिर्फ विभिन्न तरह के टैक्स ही वसूलना और योजना बनाना […]
