कागज पर ही युवा व नि:शक्त क्लीनिक से हो रहा इलाज सदर अस्पताल में शुरू हुई थी योजना सहरसा सिटी . सरकार के निर्देश पर सदर अस्पताल व पीएचसी में युवा व नि:शक्त क्लीनिक आनन-फानन में शुरू तो कर दी गयी, लेकिन उसे देखने वाला कोई नहीं है. हालात यह है कि दोनों क्लीनिक कागज पर ही युवा व नि:शक्तों का इलाज कर रहा है. जिसे देखने की फुर्सत ना ही जिला प्रशासन को है और ना ही स्वास्थ विभाग को. इस स्थिति में स्वास्थ को बेहतर बनाने का दावा कहां तक उचित है कहना बेईमानी होगी. —आनन-फानन में हुआ था उद्घाटन सरकार व विभागीय आदेश के बाद कुछ माह पहले सदर अस्पताल परिसर स्थित ओपीडी के एक कमरे में युवा क्लीनिक का उद्घाटन किया गया था. जिसका नोडल पदाधिकारी डीआईओ डॉ संजय कुमार सिंह को बनाया गया था. उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही क्लीनिक के लिये उपलब्ध कमरा कम्प्यूटर ऑपरेटर व अन्य के लिये नाश्ता करने व बैग रखने का सुरक्षित जगह बन गया. वही नि:शक्त क्लीनिक का ओपीडी से इतर समय रखा गया था. जिसमें बुजूर्ग व नि:शक्तो को देखने के लिये अलग से व्यवस्था की गयी थी. लेकिन वह भी हवा-हवाई साबित हुई. जानकारी क अनुसार क्लीनिक को चलाने के लिये सदर अस्पताल व पीएचसी को 25 हजार का कुर्सी, टेबल व अन्य सामान दिया गया था. जिसके बाद प्रति वर्ष दस हजार रूपया रखरखाव के लिये दिया जाना है. –क्या था उद्देश्ययुवा क्लीनिक खोलने का सरकार का उद्देश्य यह था कि नौ से 19 वर्ष के युवक व युवतियां बिना किसी परेशानी के अपनी परेशानी मौजूद डॉक्टर व कर्मी को बता सके . क्लीनिक में प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी परामर्श सेवा, किशोरावस्था के दौरान पोषण संबंधी सलाह, एनीमिया की जांच, उपचार व परामर्श, महावारी से संबंधित समस्याओ पर सलाह व उपचार, प्रजनन तंत्र संक्रमण व यौन जनित रोगो पर परामर्श, प्रसव पुर्व जांच एवं सलाह, गर्भनिरोधक संबंधी परामर्श, सुरक्षित गर्भपात के लिये मार्गदर्शन, विवाह के आयु पर परामर्श, समुचित रेफरल सेवा की व्यवस्था होनी थी. लेकिन युवको को इसका लाभ नही मिल पाया.डॉक्टर व कर्मी के कमी के कारण क्लीनिक चलाने में परेशानी है. जल्द ही नई व्यवस्था के तहत क्लीनिक चलाया जाएगा. डॉ संजय कुमार सिंह, नोडल पदाधिकारी फोटो- युवा 14- बंद पड़ा युवा व नि:शक्त क्लीनिक
कागज पर ही युवा व नि:शक्त क्लीनिक से हो रहा इलाज
कागज पर ही युवा व नि:शक्त क्लीनिक से हो रहा इलाज सदर अस्पताल में शुरू हुई थी योजना सहरसा सिटी . सरकार के निर्देश पर सदर अस्पताल व पीएचसी में युवा व नि:शक्त क्लीनिक आनन-फानन में शुरू तो कर दी गयी, लेकिन उसे देखने वाला कोई नहीं है. हालात यह है कि दोनों क्लीनिक कागज […]
